दिल अपना दोस्ताना रख
कैलाश भावसार बड़ौद (मध्यप्रदेश) ************************************************* दिल अपना दोस्ताना रख, दोस्तों से मिलना-मिलाना रख। यूँ ही नहीं कोई बन जाता अपना, दिल में किसी के ठिकाना रख। जहाज के पंछी को लौटना भी है, इतना न हवाओं से याराना रख। निकाल कर मैल दिल से अपने, प्यार के फूलों का आशियाना रख। न जाने कब शाम … Read more