धुंध छायी हर तरफ

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************* विश्व में छाने लगीं अब युद्ध की तैयारियां।धुंध छायी हर तरफ रोने लगी किलकारियां॥ बाज लोहे के दिखाते पैंतरे आकाश में,आग तोपों से निकलती युद्ध के अभ्यास में।और धरती पर उगीं बारूद की फुलवारियां,विश्व में छाने लगीं…॥ खींच कर भागे फिरंगी लीक दो-दो युद्ध की,हो रही दूषित धरा नानक गुरू औ … Read more

ईश्वर की शुभ सच्ची श्रद्धा

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. ईश्वर की शुभ सच्ची श्रद्धा,श्रेष्ठ कर्म ही सार है।पुण्य पथिक जो बनकर चलते,करते वे उद्धार है॥ आडंबर का पथ झूठा है,सच्ची मन की भावना,सत्कर्मों की राह धरे जो,पूरी होती कामना।मानवता पथ ध्येय मनुज का,सुंदर शुभ व्यवहार है,ईश्वर की शुभ सच्ची श्रद्धा,श्रेष्ठ कर्म ही सार है…॥ … Read more

माँ शैलसुता

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** नवरात्र विशेष…… खिले हुए हैं तरु पल्लव सब छायी आज बहार है।पावन दिवस आज है आया घर-घर मँगलाचार है॥ नव किरणें फूटी अंबर में दूर हुआ अँधियारा,घर-घर वंदनवार बँधी है खूब सजा हर द्वारा।चौक पुराओ,मंगल गाओ नवरात्रि त्योहार है,पावन दिवस आज…॥ आज पधारी शैल सुता जब सुनी विनय भक्तों की,होंगी सब … Read more

जीवन के अनुबन्ध

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ गीत बनाये जब भी मैंने,छन्द सभी निर्बन्ध बन गये।मैंने इनको दी आज़ादी,इनने मुझको यश से बांधायह प्रतिदान मिला कि मेरी,आज़ादी में आई बाधा।ज्यों-ज्यों गीत बनाये नूतन,नये-नये प्रतिबन्ध बन गये…॥ बने गीत ही मेरी बस्ती,तथा कल्पना बनी सहेलीभावों ने आ-आकर मुझसे,निश दिन आँख मिचोनी खेली।यही हुई रिश्तों की सीमा,जो इनसे सम्बन्ध बन गये…॥ जो … Read more

देश के हालात

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************* बादलों की है नुमाइश शुष्क झीलों के शहर में।चाँदनी करती तमाशा राख टीलों के शहर में॥ पाँव दल-दल में सभी के और आगे बढ़ रहे हैं,देश के कानून का आलेख उल्टा पढ रहे हैं।हाथ में भाला लिए हैं कुटिल भीलों के शहर में,बादलों की है नुमाइश शुष्क झीलों के शहर में…॥ … Read more

आज का इंसान

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* कलुषित करता मानवता को,बन रहा हैवान।मध्य पाप के घिरता जाता,आज का इंसान॥ लोभ मोह का लालच रखकर,भूलता सब कर्म,बना रहा वर्चस्व झूठ पर,त्यागता सब धर्म।भाई का दुश्मन भाई है,व्यर्थ करता शान,कलुषित करता मानवता को,बन रहा हैवान…॥ सत्य पथ का त्याग है करते,कपट छल से वार,दीन-दुखी की दुखित व्यथा पर,घात बारंबार।वर्तमान कलुषित … Read more

भ्रष्टाचार मिटाएं

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* बिगड़ रही है आज दशाएँ,बढ़ता भ्रष्टाचार है।मानवता को कलुषित करता,बाधित पथ उद्धार है॥ लोभ मोह के वश में मानुष,रिश्वत लेता शान से,तनिक नहीं वह क्षोभ करे है,हक छीने अभिमान से।शिक्षित दीनों के जीवन में,अध्ययन ही बेकार है,बिगड़ रही है आज दशाएँ,बढ़ता भ्रष्टाचार है…॥ नेता छलते आम मनुज को,रिश्वतखोरी ध्येय से,दीनों का … Read more

मोल कभी जान पाए नहीं

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************* मोल सैनिक कभी जान पाये नहीं,फौज के नाम पर लग रहा है दड़ा।जीतकर युद्ध भी हम झुके हैं सदा,प्रश्न है ये बड़ा,प्रश्न है ये बड़ा ??? कारगिल युद्ध में जीत कैसी हुई,कौन कहता है कि युद्ध जीते हैं हम।पांच सौ से अधिक वीर खो के वहां,जीत के नाम पर खून पीते … Read more

किसी के प्यार ने…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** किसी के प्यार ने इस जिन्दगी का रुख ऐसे बदला।अगर वो आप हैं तो फिर मिले बिन ही कैसे बदला॥किसी के प्यार ने… खुशी होती बहुत मुझको,मिटी वर्षों की तन्हाई,कभी दु:ख भी हुआ करता,न किस्मत मिलने की पाई।मुझे भाता नहीं शिकवा,शिकायत हो तो किससे हो,करूँ भी क्या,भला अब मैं,बदलना … Read more

दादा-दादी की याद में…

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** दादा-दादी तुम्हें स्मरन करते हैं हम।श्राद्ध पक्ष में आज नमन करते हैं हम॥ खेद मुझे है देख न पाया तुम्हें कभी,आप तो थे पर मैं न कहीं था यहाँ तभी।तुम से ही जीवन पाया है दादी माँ,आज फला-फूला घर तुमसे दादी माँ॥ दादा-दादी तुम्हीं मूल इस तरुवर की,तुमसे ही हम फूल-पत्तियाँ … Read more