महाकाल:अमरत्व की प्राप्ति

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ महाशिवरात्रि विशेष………… यह हमारी अवंतिका नगरी(उज्जैन,मप्र) की यात्रा का वृतांत है। वह नगरी जो हमारी आस्था का प्रतीक है। सत्यम,शिवमऔर सुंदरम के भावों को अपने में समेटे अर्थात स्वयं भगवान शिव की नगरी है। इस वृतांत में आपको उज्जैन की भौगोलिक स्थिति,ऐतिहासिक,प्राकृतिक सुषमा और आध्यत्मिक,सांस्कृतिक विरासत का कलात्मक संगम देखने को … Read more

‘बुआ बनाम बेटी’ का राजनीतिक लाभ किसे ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** क्या मतदाताओं से पारिवारिक रिश्ते जोड़ने का चुनाव में राजनीतिक लाभांश मिलता है ? मिलता है तो कैसे और कब तक ? ये सवाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान ‘बंगाल की बेटी’ बनाम ‘बंगाल की बुआ’ या फिर ‘बंगाल का बेटा’ जैसे सम्बोधनों के जरिए मतदाता का मन जीतने … Read more

प्रकृति व धर्म का अनूठा संगम हिमाचल

डॉ.प्रभात कुमार सिंघलकोटा(राजस्थान)************************************ खूबसूरत प्राकृतिक सौन्दर्य,वनस्पति एवं फूलों से महकती रमणिक घाटियां,अलबेले और अनूठे पहाड़ी स्टेशन,मंदिरों के कारण पहचान बनाने वाली देवताओं की भूमि है हिमाचल प्रदेश। बहुसांस्कृतिक,विशाल भौगोलिक विविधता एवं लुभावनी प्रकृति से सम्पन्न प्रदेश की कालका-शिमला रेलवे लाइन तथा कुल्लू का ग्रेट हिमालियन राष्ट्रीय उद्यान को ‘यूनेस्को’ की विश्व विरासत धरोहर सूची में … Read more

कांग्रेसःमरता, क्या नहीं करता ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* कांग्रेस पार्टी आजकल वैचारिक अधःपतन की मिसाल बनती जा रही है। नेहरू की जिस कांग्रेस ने पंथ-निरपेक्षता का झंडा देश में पहराया था,उसी कांग्रेस के हाथ में आज डंडा तो पंथ-निरपेक्षता का है,लेकिन उस पर झंडा सांप्रदायिकता का लहरा रहा है। सांप्रदायिकता भी कैसी ? हर प्रकार की। उल्टी भी,सीधी भी। जिससे … Read more

सफलता और चुनौतियाँ

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ********************************************** चुनौतियाँ कुछ भी हों,कर्म के आगे एक न एक दिन नतमस्तक हो ही जाती हैं। यह कर्मवीर की सहनशक्ति व सहनशीलता पर निर्भर है कि,वह अपनी सफलता प्राप्ति के लिए उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों में धैर्य का कवच कब तक ओढ़े रखते हैं ?सत्य तो यह है कि चुनौतियों … Read more

नारी सशक्त हो उठेगी,बस जरूरत बदलाव और पहल की

निक्की शर्मा `रश्मि`मुम्बई (महाराष्ट्र)********************************************* महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… प्रकृति का बनाया एक सुकोमल शीतल स्पर्श शक्ति के अपार भंडार के रूप में एक सुंदर रचना नारी है। नारी आज समाज के हर क्षेत्र में काम कर रही है, आज वह किसी का मोहताज नहीं है। फिर भी घर- समाज में उन्हें समझौता करना ही पड़ता … Read more

सबकी नजर में स्त्री के लिए सम्मान आवश्यक

दिपाली अरुण गुंडमुंबई(महाराष्ट्र)***************************** महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… विधाता ने सृष्टि का निर्माण किया,उसके केन्द्र में स्त्री को रखा। जिस तरह कुम्हार अपना मटका बनाते वक्त केन्द्र पर गीली मिट्टी रखकर उसे घुमाकर उससे सुंदर नाजुक घट या मटका बनाता है,उसी तरह विधाता ने सृष्टि का निर्माण करते हुए केन्द्र में स्त्री को रखा। इससे यह … Read more

साहस,परिश्रम तथा बुद्धिमत्ता से पहचान बनाती नारी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)**************************************************** ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ हर साल ८ मार्च को मनाया जाता है। यह विशेष दिन अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं का सम्मान करने और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाने का दिन है।सबसे पहले ये दिन अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर २८ फ़रवरी १९०९ को मनाया गया था। बाद में इसे … Read more

नारी एक-दायित्व अनेक,पर ठोस सशक्तिकरण बाकी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… मनुस्मृति के अध्याय ३ में उल्लेखित ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ (श्लोक ५६) का आशय है ‘जहां स्त्रीजाति का आदर-सम्मान होता है,उनकी आवश्यकताओं -अपेक्षाओं की पूर्ति होती है,उस स्थान,समाज तथा परिवार पर देवतागण प्रसन्न रहते हैं।’ इसी प्रकार हमारे वेदों,ऋग्वेद हो या यजुर्वेद, सामवेद हो या … Read more

शोषण से मुक्ति-समानता मिले,तभी धुरी बनेगी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ********************************************* महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… हे पुरुष! वास्तविक रूप में तो मैं केन्द्र हूँ,और तुम धुरी,पर व्यवहार में तुम केन्द्र बने हुए हो,और मैं धुरी होकर रह गई हूँ।ऐसा,इसलिए है,क्योंकि महिला सशक्तिकरण का कार्य फलीभूत नहीं हो पाया है।वास्तव में महिला सशक्तिकरण से जुड़े सामाजिक, आर्थिक,राजनीतिक और कानूनी मुद्दों पर संवेदनशीलता … Read more