खुशियों के दीपक जले
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ********************************************************************** रोशनी से जिंदगी…. खुशियों के दीपक जले, जग मग जगमग लोक।मिटे तिमिर अज्ञान का, रोग मोह मद शोक॥ खुशियों के दीपक जले, बाल अधर मुस्कान।घर-आँगन सब स्वच्छ हो, मिले श्रीश वरदान॥ कार्तिक अमावस दिवस, धनतेरस त्यौहार।खुशियों के दीपक जले, आलोकित सुखसार॥ विजय पर्व दीपावली, मानक जय पुरुषार्थ।खुशियों के दीपक … Read more