कृपामय ठाकुर सदा जागृत हैं जगत में

गोपाल चन्द्र मुखर्जी बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************************************ परमहंस ठाकुर श्रीरामकृष्ण देव जी को अर्पित सर्व धर्म का समन्वय बढ़ा कर विश्व में धर्मयुद्ध का समापन करते हुए संतान सम विश्व मानव एवं भक्तों का कल्याण करने के लिए ठाकुर जी स्वयं सूर्योदय से सूर्यास्त तक पल-पल सदा व्यस्त हैं। जगत में सभी का समूचा दु:ख हरण … Read more

आत्म जागरण एवं रिश्तों की मजबूती का महापर्व है पर्यूषण

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** सनातन धर्म में नवरात्रि,इस्लाम धर्म में रमजान का जितना महत्व है,उसी प्रकार जैन धर्म में पर्यूषण पर्व का सबसे अधिक महत्‍व है। इस पर्व को पर्वाधिराज (पर्वों का राजा) कहा जाता है। इसे आत्मशोधन का पर्व भी कहा गया है,जिसमें तप कर कर्मों की निर्जरा कर अपनी आत्मा को निर्मल … Read more

युद्धनीति में कृष्ण का मानवीय जीवन दर्शन

डॉ.सोना सिंह  इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************* प्रबंधन,पराक्रम,पूर्णता,प्रेम और परिवर्तन के द्योतक भगवान श्री कृष्ण इसीलिए पूर्णावतार कहे जाते हैं कि ज्ञान के साथ कौशल और चिंतन के साथ चालाकी कृष्ण की नीति रही है। सुदर्शन चक्र धारण किए हुए वे एक ऐसे मानव हैं,जिनका जीवन संघर्षमय रहा। पूतना को स्तनपान के साथ माता का दर्जा देना पड़ा,वहीं … Read more

गाँव का ग्वाला,जो बना गीता नायक

डॉ. विकास दवे इंदौर(मध्य प्रदेश ) *********************************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. भगवान कृष्ण जिन्हें हम गोपाल,कन्हैया,कान्हा,गिरधर, रणछोड़ आदि कई नामों से जानते हैं,बचपन में बड़े नटखट,चंचल और खेलप्रिय रहे। उनके बारे में जब भी हम बातें करते हैं तो कई बार हमें यह आभास होने लगता है मानो कन्हैया के गुण,गुण न होकर अवगुण थे,लेकिन … Read more

`जन्माष्टमी` एक पौराणिक त्योहार

गुलाबचंद एन.पटेल गांधीनगर(गुजरात) ************************************************************************ कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. इस साल जन्माष्टमी कब है,इसके लिए लोग उलझन में हैंl कुछ जानकार लोगों का कहना है कि,भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी के दिन और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था,अत: जन्म अष्टमी तिथि हैl इस लिहाज से यह दोनों संयोग २३ अगस्त को बनते हैंl हर साल जन्माष्टमी … Read more

पापियों के विनाश तथा धर्म स्थापना के लिए हर युग में प्रकट होते हैं जगद्गुरु

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का आरंभ पुरातन काल से ही है। भादौ माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर इसे मनाया जाता है। इस दिन मटकी फोड़ प्रतियोगिता करने के साथ-साथ विभिन्न स्पर्धाएं भी की जाती है। चल समारोह का आयोजन किया जाता है,प्रसाद भी … Read more

तारकेश्वर:गरीबों का अमरनाथ

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** पांच,दस,पंद्रह या इससे भी ज्यादा…। हर साल श्रावण मास की शुरूआत के साथ ही मेरे जेहन में यह सवाल सहजता से कौंधने लगता है। संख्या का सवाल श्रावण में कंधे पर कावड़ लेकर अब तक की गई मेरी तारकेश्वर की पैदल यात्रा को लेकर होता है। आज भी … Read more

नागपंचमी पर ही खुलते हैं नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** नागपंचमी ५ अगस्त विशेष……… हिन्दू धर्मावलंबियों समेत अन्य धर्मों में भी शायद ही कोई ऐसा मंदिर,मस्जिद या गिरजाघर होगा,जो वर्ष में एक दिन के लिए खुलता होगा,लेकिन महाकाल की नगरी उज्जैन में एक दुर्लभ नागचन्द्रेश्वर मंदिर है जो प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी खास बात … Read more

प्रजा का हाल-चाल जानने निकलते हैं भगवान महाकाल राजा रूप में

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** उज्जैन में सावन सोमवार पर महाकालेश्वर की सवारी शिव को यूँ तो घट-घट का वासी कहा गया है,संसार के हर प्राणी में शिव तत्व मौजूद हैं। हर जगह शिव का वास है,लेकिन शिव को जो जगह भू-लोक पर सर्वाधिक प्रिय है,उनमें से एक है अवंतिकापुरी याने आज का उज्जैन(मध्यप्रदेश)शहर,जहाँ महाकाल … Read more

माँ जगदम्बे

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** जग तेरे चरणाें आया मेरी माँ, जग तेरी शरण में आया मेरी माँ! तेरी आँखों का दुलार तेरी संतान, तेरे आँचल का प्यार तेरी संतान… जग आया लेकर अपनी मुराद माँ तेरे द्वार! जग तेरे चरणाें आया मेरी माँ, जग तेरी शरण में आया मेरी माँ!! माँ सबकी भर … Read more