धर्मदर्शन

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शारदीय नवरात्रि:संधि पूजा का बड़ा महत्व

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* माता के नौ रंग (नवरात्रि विशेष)…. शरद ऋतु की मृदु बयार, भोर के समय फूलों, पत्तों और दूब पर शिशिर या ओस की बूंदें, सिउली पुष्पों […]

अक्षय तृतीया:सर्वसिद्ध मुहूर्त वाला दिन

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ‘अक्षय’ शब्द का मतलब है-जिसका क्षय या नाश न हो। मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण, स्कन्दपुराण में इस तिथि का विशेष उल्लेख है। यह दिन अबूझ या […]

कन्या पूजन श्रेष्ठतर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************* नवरात्रि विशेष…. भारत में कन्या पूजन की परम्परा अनादि काल से या यूँ कहें आदि सृष्टि की कल्पना ही कन्या सृष्टिजा के रूप में […]

शिव यानि कल्याणकारी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** शिवरात्रि विशेष…. यह शाश्वत सत्य है कि हम दुनिया में मानव रूप में आए हैं तो जग कल्याण हमारा धर्म है। कल्याण करना एक शाश्वत सत्य है। […]

जय हिंगलाज माँ

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** जय-जय तेरी माँ हिंगलाज,दर्शन करने आए आज। तेरा आशीर्वाद जो पाएं,भवसागर से हम तर जाएं।दुनिया में ज्ञान के दीप जलाएं,तेरी अमर ज्योत उजलाएं।उड़ते रहें […]

सूर्योपासना का पर्व-छठ पूजा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* छठ पर्व मूलतः सूर्य की आराधना का पर्व है,जिसे हिन्दू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। हिन्दू धर्म के देवताओं में सूर्य ऐसे देवता हैं […]

अक्षय फलदायक पर्व है आखा तीज

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को बसंत ऋतु का समापन होकर ग्रीष्म ऋतु प्रारम्भ होती है और इसी दिन को सनातनी अक्षय तृतीया […]

बलवान-बुद्धिमान और रुद्रावतारी बजरंग बली

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************* हनुमान जयंती विशेष…. हनुमान (संस्कृत: हनुमान्,आंजनेय और मारुति भी) परमेश्वर की भक्ति (हिंदू धर्म में भगवान की भक्ति) की सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे […]

जैन धर्म में भगवान का अलग स्वरुप

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जैन धर्म की ऐतहासिकता के अलावा जैन धर्म के सिद्धांत,दर्शन के बारे में बहुत से लोग अनभिज्ञ हैंl जैन धर्म कर्मवाद-भाव पर अधिक ध्यान देता हैl संसार यानी […]

तुलसी देवै नमः नमः

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************************************ यत्र नार्य्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:( मनुसंहिता)नारी ही आदि शक्ति,आधार स्वरूपा महाशक्ति, महालक्ष्मी, महासरस्वती। आदि-अंत काल से संसार का आपातकाल में विश्व त्रिभुवन की रक्षाकर्ती एकमात्र […]