प्यासे कौए जैसे परिश्रम की आवश्यकता
उमेशचन्द यादवबलिया (उत्तरप्रदेश) *************************************************** जल ही कल….. जी हाँ, यह बिल्कुल सत्य है कि जल है तो कल है। इसके बिना हम सभी प्राणियों का जीवित रहना असंभव है, इसलिए ऐसा कहा भी गया है कि जल है तो कल है। हमारी रोजमर्रा की दैनिक ज़रूरतें जल से ही पूरी होती हैं। पृथ्वी का ज़्यादातर हिस्सा … Read more