सीमा का तिलक करती गाँव की माटी

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** शिवजी के धनुष पर विराजमान है काशी,और गंगा मैया काशी की अधिकांश सीमा को समेट लेने के लिए धनुषाकार हो गई है। दूरियों को मिटाती हुई चन्द्रप्रभा भी मिलन को सदियों से आतुर है। इसकी गोदी में राजदरी और देवदरी के चश्में चंचल बच्चों सरिस उछल-कूद रहे हैं। यहीं पर … Read more

तमिलनाडु में हिंदी का विरोध क्यों ?

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** केन्द्र सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति के मसौदे पर तमिलनाडु में विवाद का क्या कारण है,यह समझ से परे हैl हिंदी राष्ट्रभाषा विगत सौ वर्षों से बनने के लिए तरस रही है,इसका मुख्य कारण हिंदी को प्रोत्साहित करना नहीं,वरन सब स्थानीय भाषाओं को भी समानता का अधिकार देना हैl आज हमारे … Read more

नेतृत्व के लिए आवश्यक हैं कई गुण

  कृष्ण कुमार सैनी ‘राज’ दौसा(जयपुर ) *************************************************** जी हाँ मित्रों, नेतृत्व करना एक ख़ास कला है,जो सामान्य व्यक्तित्व के अन्दर नहीं होती। श्रेष्ठतम नेता या नेतृत्व वही बन पाता है,जो लोगों के दिलों पर राज करता है,और जिसका व्यक्तित्व हर कोई स्वीकारता है। ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने वाले लोग अपना सब-कुछ उस … Read more

उपराष्ट्रपति के वक्तव्य का भी कोई परिणाम नहीं निकला

निर्मलकुमार पाटोदी इन्दौर(मध्यप्रदेश) ************************************************** नरेन्द्र मोदी की बहुमत वाली मज़बूत और राष्ट्र हित के नाम पर जीती सरकार ने घुटने टेक दिए। वह भी तब,महात्मा गांधी की डेढ़ सौ वीं जन्म जयती वर्ष चल रहा है। गुजराती गांधी की भाषा और शिक्षा नीति को गुजरात के वर्तमान युग के शिखर पुरुष ने धराशायी करके रख … Read more

पर्यावरण संरक्षण में अग्निहोत्र यज्ञ की उपयोगिता

सुश्री नमिता दुबे इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************** पर्यावरण दिवस विशेष….. स्वर्ग कामोयज्ञेत-अर्थात स्वर्ग की कामना से यज्ञ करो। प्रकृति ओर मानव का सृष्टि के आरंभ से ही अन्योन्यश्रित संबंध रहा है। हमारी प्राचीन धार्मिक परम्पराएं समूचे जीवन को सुख- समृद्धि प्रदान करने के साथ ही विज्ञान सम्मत भी है,किन्तु विडम्बना ही कहिए कि हमने विकास की अंधाधुंध … Read more

नेता वह जो चट्टान की तरह अड़ा रहे

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अजीब-सी नौटंकी में फसे हुए हैं। यदि उन्हें अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना ही है तो फिर वे मान-मनौव्वल के दौर में क्यों फंसे हैं ? चार-छह दिन ऐसी खबरें छपती रहें कि वे किसी की भी नहीं सुन रहे हैं और फिर अचानक खबर छपे … Read more

गिरता मानव-घटती संस्कृति

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** मानव ईश्वर की श्रेष्ठतम रचना है। सभी जीवों में मानव ही एकमात्र ऐसा जीव है जो सटीक बोल सकता है,जिसके पास बुद्धि है,संवेदना है,भविष्य की सोंच है,निरंतर प्रगतिशील है। यही एकमात्र ऐसा है जो समाज में एक निश्चित नियमों का पालन करते हुए जीवन व्यतीत करता है। प्राचीनकाल … Read more

नयी सरकार की शुरुआत सही दिशा में

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* देश में नरेन्द्र मोदी सरकार की दूसरी पारी की विधिवत शुरुआत हो गई है। उन्होंने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के ५७ सदस्यों ने भी शपथ ली और उनको जिम्मेदारियों एवं दायित्वों से भी बांध दिया गया है। अमित शाह गृह मंत्रालय संभालेंगे तो राजनाथ … Read more

इस मंत्रिमंडल के अर्थ

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल का यह शपथ-समारोह अपने-आपमें एतिहासिक है,क्योंकि यह ऐसा पहला गैर-कांग्रेसी मंत्रिमंडल है, जो अपने पहले पांच साल पूरे करके दूसरे पांच साल पूरे करने की शपथ ले रहा है। पिछले शपथ-समारोह से यह इस अर्थ में भी थोड़ा भिन्न है कि इसमें ‘दक्षेस'(सार्क) की बजाय ‘बिम्सटेक’ सदस्य-राष्ट्रों … Read more

धर्म और विज्ञान का सहयोगी बनना जरुरी

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** “जब-जब होई धरम की हानि, बाढ़ आई असुर अधम अभिमानी…” एक तरफ तो पुराण कुछ इस तरह से धर्म की व्याख्या करते हैं,जिसमें जप-तप,दान-सेवा का बड़ा महत्व है,किंतु गीता में- “यदा-यदा ही धर्मस्य…” जैसे श्लोकों के आधार पर कर्म को धर्म से भी श्रेष्ठ माना गया हैl इसमें कर्म … Read more