लगाएँ प्यार और इंसानियत के दीयों की कतार

ललित गर्गदिल्ली************************************** दीपावली एक लौकिक पर्व है। यह आत्म-ज्योति जगाने एवं भीतर की दुनिया को उज्ज्वल बनाने का पर्व है, इसलिए दीपों की कतारें लगाकर केवल बाहरी अंधकार को ही नहीं, बल्कि भीतरी अंधकार को मिटाने के जतन करने होंगे। हम भीतर में धर्म का दीप जलाकर मोह और मूर्च्छा के अंधकार को दूर कर … Read more

आलोक-वंदना का महापर्व ‘दीपावली’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘दीपों की हो वंदना, पूजित हो आलोक।यही कामना सुख पले, परे हटे दु:ख, शोक॥’दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दीपावली या दीवाली नाम दिया गया। दीपावली का मतलब होता है, दीपों की अवली यानि पंक्ति। इस प्रकार दीपों की पंक्तियों से सुसज्ज‍ित इस त्योहार को दीपावली कहा जाता है। … Read more

एकता का पर्व दीपावली

कमलेश वर्मा ‘कोमल’अलवर (राजस्थान)************************************* दीपावली का पर्व आते ही ऐसा प्रतीत होता है कि, राम का आगमन हो गया है। अर्थात राम का नाम लेते ही मन में शांति-सा आभास हो जाता है। मन में शीतलता उत्पन्न हो जाती है। राम नाम स्मरण से सब काम स्वत: ही सिद्ध हो जाते हैं। दीपावली पर्व ऐसा … Read more

शुभ दीपोत्सव पर्व

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** सदा त्योहार में होता,हृदय में हर्ष मंगलमय।समूचे विश्व में जो उच्चतम,उत्कर्ष मंगलमय॥सजी गलियाँ, खिली कलियाँ,जले दीपक बताते हैं,दिवाली पर्व है उजियार का,उल्लास मंगलमय॥सभी को धन तेरस, रूप चौदस (छोटी दिवाली, नरक चतुर्दशी), लक्ष्मी-गणेश पूजा (दीपावली), गोवर्धन पूजा (अन्न कूट महोत्सव), चित्रगुप्त पूजा (भाई दूज, यम द्वितीया) की अशेष शुभकामनाएं एवं बधाई।दीपावली का … Read more

हर दिन हो राम राज

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** राम-राज… आस्था और विश्वास मन में रखकर त्यौहारों का स्वागत करना चाहिए। श्रीराम के आगमन की खुशी में हर घर में मिठाई, पूजन के साथ पटाखे जलाकर स्वागत के तौर पर आँगन में रोशनी के दीप जलाए जाते हैं। आगमन पर्व के दीपक के प्रकाश में आत्ममंथन, आत्मलोचन, आत्मोउन्न्ति को प्राप्त करने … Read more

सशक्त लोकतंत्र हेतु जागे मतदाता

ललित गर्गदिल्ली************************************** ५ राज्यों के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं, चुनावी आक्रामकता बढ़ती जा रही है। उम्मीदवारों के चयन, जीतने एवं सरकार बनाने को लेकर पूरी आक्रामकता है, लेकिन जनहित के मुद्दों पर गहरा सन्नाटा पसरा है। इन चुनावों में सबसे बड़ी विडम्बना इस बार भी देखने को मिल रही है, वह … Read more

व्यापक सुधार की बहुत गुन्जाइश

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* ‘परिवहन दिवस’ (१० नवम्बर) विशेष… हमारे देश में हर साल १० नवम्बर को ‘परिवहन दिवस’ पर नागरिकों विशेषकर छात्रों को आजादी मिलने वाले साल से लेकर आज तक यातायात के क्षेत्र में देश ने जो उन्नति की है, उसकी विस्तार से जानकारी दी जाती है। इन संगोष्ठियों में यातायात नियमों व … Read more

संस्कारवान हो शौक या मनोरंजन

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन… मनुष्य एक सामाजिक प्राणी के साथ विवेकशील जानवर है, जिसमें अपने काम करने की असीम सम्भावनाएँ हैं। जानवर से तात्पर्य इतना है कि, प्रत्येक जानवर अपने धरम-संस्कार का पालन करता है तथा मनुष्य सब जानवरों के गुणों को अंगीकार कर रहा है और करता था। सामाजिक प्राणी होने के कारण उसे अपने … Read more

बगावती होते टिकट वंचित नेता, यही वफादारी ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** ५ राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले अनेक राजनीतिक दलों एवं उनके नेताओं के बीच बड़ी उठा-पटक, खींचतान एवं चरित्रगत बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राजस्थान एवं मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस ही आमने-सामने की स्थिति में है, लेकिन टिकट बंटवारे को लेकर दोनों ही दलों में दोनों ही राज्यों … Read more

बेमिसाल उपमाओं-रचनाओं के अद्वितीय महाकवि

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* कालिदास जयंती (४ नवम्बर) विशेष… साहित्य के क्षेत्र में अभी तक हुए महान कवियों में कालिदास जी अद्धितीय हैं। उनके साहित्यिक ज्ञान का कोई वर्णन नहीं किया जा सकता। कालिदास जी की उपमाएं बेमिसाल हैं, और उनके ऋतु वर्णन तो अद्वितीय है। मानो कि, संगीत कालिदास जी के साहित्य का मुख्य अंग है। … Read more