मन के रावण को जला दें

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* युगों से विजयादशमी के दिन प्रभु राम द्वारा युद्ध में रावण का बध कर विजय पाने का त्योहार-उत्सव हर वर्ष मनाया जाता है। यह असत्य पर सत्य, अहंकार पर विनम्रता, निराशा में आशा, दुःख पर सुख, अंधकार पर प्रकाश की जीत, हर तरह से सुंदर सकारात्मकता की जीत का पर्व … Read more

मोबाइल और जिंदगी

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* आज के परिवेश में मोबाइल हमारे दैनंदिन जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है, अगर साथ में मोबाइल नहीं रहा तो कई लोग परेशान हो जाते हैं। कुछ एक तो अवसाद के शिकार लगते हैं, क्या जादू कर गया है यह ५ इंच का खिलौना। दशहरे के त्योहार के अवसर … Read more

राजा ही लूटे, ये कैसी अर्थ नीति ?

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन… वर्तमान में चुनावी कार्यकाल में सब दल दिल खोलकर जनता को प्रलोभन देकर चुनाव जीतना चाहते हैं। कोई न कोई दल सत्तारूढ़ होगा और उसके द्वारा इतनी अधिक सुविधाएँ देने की घोषणा जो बहुत अच्छा प्रयास है, पर जनता कितनी खुश और लाभप्रद होगी, यह नहीं मालूम है, लेकिन मध्यप्रदेश की जनता … Read more

भक्ति में दिखावा नहीं हो

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* शक्ति, भक्ति और दिखावा… भारतवर्ष में इन दिनों (१५ से लेकर २४ अक्टूबर) इस वर्ष (२०२३) का नवरात्र त्योहार चल रहा है। मान्यता है कि, इन ९ दिनों में प्रति दिन ‘दुर्गा माता’ के ९ रूप अवतरित होते हैं। इस तथ्य से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण कथा यह भी है कि, … Read more

अजन्मा बच्चा:अधिकार रक्षा का बड़ा मानवीय फैसला

ललित गर्गदिल्ली************************************** सर्वोच्च न्यायालय की चौखट पर कभी-कभी नैतिक एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े मुद्दे भी विचाराधीन आते हैं, भारतीय न्यायालय की विशेषता रही है कि, वह ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए अनूठे फैसले लेकर मानवीय एवं नैतिक मूल्यों को मजबूती देता है। ऐसे ही एक मामले में अजन्मे बच्चे की नैतिकता के … Read more

समर्पित भक्ति-आराधना से ही शक्ति

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* शक्ति, भक्ति और दिखावा… वैदिक काल से ही ऋषि-मुनि कड़ी तपस्या, उपासना के साथ साथ पूरे भक्ति-भाव से विभिन्न देवी-देवताओं के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हो उनसे समय-समय पर अपने को असुरों से बचाव हेतु शक्तियाँ प्राप्त करते थे, और उन शक्तियों को प्राप्त करने के पीछे किसी भी प्रकार … Read more

अपराध मुक्त समाज के लिए कानून-नैतिकता का महत्व बनाना होगा

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* जब से मानव का उदय सृष्टि में हुआ, तबसे अपराध होना शुरू है। मानव में मन होने से वह अन्य जानवरों से श्रेष्ठ जानवर बन गया या माना जाने लगा। मन युक्त होने से उसमें विचारणा शक्ति आने से वह विवेक पूर्ण कृत्य करता है। यह जरुरी नहीं है कि, उसका हर कृत्य … Read more

युद्ध से मानवता पर बढ़ता खतरा

ललित गर्गदिल्ली************************************** रूस और यूक्रेन के बाद अब इजरायल और हमास के बीच घमासान युद्ध के काले बादल विश्व युद्ध की संभावनाओं को बल देते हुए लाखों लोगों के रोने-सिसकने एवं बर्बाद होने का सबब बन रहे हैं। युद्ध की बढ़ती मानसिकता विकसित मानव समाज पर कलंक का टीका है। हमास ने नासमझी दिखाते हुए … Read more

पटना उच्च न्याया. का फैसला हिंदी में आना शुरू

जनभाषा में न्याय की ओर एक और कदम.. उत्तर प्रदेश इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तरह बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालयों में भी अंग्रेजी के अतिरिक्त हिंदी के प्रयोग का प्रावधान है, लेकिन जहाँ इलाहाबाद उच्च न्याया. में लंबे समय से हिंदी में निर्णय दिए जाते रहे हैं, वहीं बिहार में कदम-कदम पर इसके … Read more

‘भोग की वस्तु’ समझना बेहद चिंताजनक

ललित गर्गदिल्ली************************************** दुनियाभर में बालिकाओं की बेचारगी को दूर करने, सुरक्षित एवं सम्मानपूर्ण जीवन प्रदत्त करने, उनके सेहतमंद जीवन से लेकर शिक्षा और करियर के लिए मार्ग बनाने के उद्देश्य से हर साल अक्तूबर में ‘अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: मनाया जाता है। इस दिन अधिकारों, सुरक्षित जीवन और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जाता है। भारत … Read more