सामने आते ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ के दुष्परिणाम
डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** भारत सहित विश्व के अनेक देशों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ का चलन तेजी से बढ़ा है। आधुनिक जीवन-शैली, शहरीकरण, आर्थिक स्वतंत्रता, शिक्षा के विस्तार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती अवधारणा ने इस व्यवस्था को समाज के एक वर्ग में स्वीकार्यता दिलाई है। ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ का मूल विचार … Read more