स्वतंत्रता:नैतिकता और देशभक्ति की बहुत जरुरत
डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन…. स्वतंत्रता की भूमिका हमारे देश में १८५७ से शुरू हुई थी, जिसमें मंगल पांडेय, झाँसी की रानी जैसे हजारों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था। उस समय एक ही लक्ष्य था कि, हमें गुलामी की जंजीरों से मुक्त होना है। अथक प्रयास और कुर्बानियों का सिलसिला चला जा रहा था। … Read more