स्वतंत्रता:नैतिकता और देशभक्ति की बहुत जरुरत

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन…. स्वतंत्रता की भूमिका हमारे देश में १८५७ से शुरू हुई थी, जिसमें मंगल पांडेय, झाँसी की रानी जैसे हजारों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था। उस समय एक ही लक्ष्य था कि, हमें गुलामी की जंजीरों से मुक्त होना है। अथक प्रयास और कुर्बानियों का सिलसिला चला जा रहा था। … Read more

अब हो नया सवेरा

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के बाद शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर होते हुए एक बड़ा एवं बुनियादी प्रश्न खड़ा है कि, क्या हम वास्तविक रूप में आजाद हैं ? सवाल यह भी कि, क्या हम आजादी के सही मायने जानते हैं ? क्या हम आजादी का सही अर्थ समझ पाए हैं ? … Read more

खुशियाँ पाएं ‘मित्रता’ के बीज बोकर

ललित गर्गदिल्ली************************************** एक-दूसरे से जुड़े रहकर जीवन को खुशहाल बनाना और दिल में जादुई संवेदनाओं को जगाना है तो उनके लिए एक रिश्ता है दोस्ती का। मित्र, सखा, दोस्त, चाहे किसी भी नाम से पुकारो, दोस्त की कोई एक परिभाषा हो ही नहीं सकती। हमें तन्हाई का कोई साथी चाहिए, खुशियों का कोई राजदार चाहिए … Read more

स्वास्थ्यवर्धक सर्वोत्तम औषधि ‘पानी’

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* अशुद्ध पानी हमारे लिए बीमारियों का सुगम स्त्रोत है, तो शुद्ध पानी सर्वोत्तम औषधि है। पानी प्राप्त करने के कई स्त्रोत हैं, पर वर्षा का जल सर्वोत्तम होता है।आकाश से गिरा हुआ जल, समय के अनुसार गमन करने वाले चन्द्रमा, वायु, सूर्य से स्पर्श हो जाने के बाद समीप के पृथ्वी गुण के … Read more

आत्म-गौरव के रूप में स्वीकारें वृद्धों को

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’ समाज एवं परिवार के निर्माण की दिशा में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा किए गए प्रयासों को मान्यता देने के लिए मनाया जाने वाला एक प्रयोजनात्मक अवसर एवं उत्सव है। यह दिन उन तरीकों को खोजने के लिए भी मनाया जाता है कि, कैसे समाज में बुजुर्ग लोगों की उपेक्षाओं एवं … Read more

कितना बदला जम्मू-कश्मीर…

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** “ऐसे टकटकी लगाए क्या देख रहे हो काका ?”“बेटे! वह देख थोड़ी-सी दूरी पर ही पीओके की नीलम वैली। हमारे देश का मुकुट। नदी के एक ओर हमारा ये केरन गाँव है। श्रीनगर से १६५ किलोमीटर दूर है। आज के दिन ही अनुच्छेद ३७० हटा था। आज पूरे ४ साल हो गए … Read more

‘स्टडी इन इंडिया’ से क्या हासिल होगा ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** आजकल की शासन व्यवस्थाएं लोक कल्याणकारी एवं संवेदनशील न होकर आर्थिक एवं राजनीतिक प्रेरित होती जा रही है। शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी मूलभूल जरूरतों के लिए भी सरकारों का नजरिया अर्थ-प्रदान होता रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के निजीकरण की हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी है। विडम्बना देखिए कि, देश के बच्चों को … Read more

शिव एवं शिवत्व:संतापों का शमन

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** देवाधिदेव महादेव के बारे में कुछ भी कहना, सुनना, सुनाना, जानना, समझना- समझाना सूरज के सामने दीपक दिखाने जैसा ही मानना चाहिए । महर्षि वेदव्यास जी २४ हजार श्लोकों के साथ ‘शिव महा पुराण’ तथा ११ हजार श्लोकों के साथ ‘लिंग पुराण’ में भगवान शिव के बारे में सारी जानकारियाँ पहले ही … Read more

कई रोगों में बहु उपयोगी ‘मेंहदी’

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* मेंहदी की पत्तियों का प्रयोग रंजक द्रव्य के रूप में किया जाता है तथा इसकी सदाबहार झाड़ियाँ बाड़ के रूप में लगाई जाती हैं। स्त्रियों के श्रंगार प्रसाधनों में विशिष्ट स्थान प्राप्त होने के कारण मेंहदी बहुत लोकप्रिय है। मेंहदी का वानस्पतिक नाम ‘लासोनिआ इनर्मिस’, अंग्रेज़ी नाम ‘हेना’ जबकि संस्कृत में ‘मदयन्तिका, मेदिका, … Read more

जिंदगी का उद्देश्य एवं सकारात्मक दिशा खोजें

ललित गर्गदिल्ली************************************** उतार-चढ़ाव, हर्ष-विषाद, सुख-दुःख हर इंसान के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन फिर भी इन जटिलताओं के बीच एक सपना एवं जिजीविषा जरूर होनी चाहिए, जो आपको हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहे। जीवन ऐसेे जीना चाहिए जैसे जिंदगी का आखिरी दिन हो। भले ही हमारी जिंदगी उतार-चढ़ावों से भरी हो, … Read more