आइए, भाषाओं के मान-सम्मान की मुहिम एकसाथ मिलकर लड़ें

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** राष्ट्र में सभी का सम्मान करता हूँ, पर एक बात समझ से परे है कि क्यों आजाद भारत की राष्ट्र भाषा हिन्दी नहीं बनाई गई ? क्यों भारत की प्रतिष्ठित भाषाओं का तिरस्कार करके अंग्रेजी को ही भारत की अघोषित राष्ट्र भाषा घोषित किया गया ? सोचिए।आज जो भी मीडिया अपने … Read more

भवनों में भुवन लोकतंत्र भवन

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* सर्वप्रथम स्व. वीर सावरकर और श्रेष्ठ नायक व सफल राजनेता स्व. एनटीआर को श्रद्धांजलि अर्पित।    गुण कभी नहीं मिटते, चाहे स्थिति वंश औपनिवेशकों से क्षमायाचना की बात की हो। मुख्य लक्ष्य प्राप्ति के समक्ष सब-कुछ फीका ही रहता है। दूसरी प्रसन्नता इस बात की कि, आज का दिन नए भारत निर्माण … Read more

अपने बच्‍चों से व्यवहार में रखें समझदारी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान में एकल परिवार होने के कारण बच्चों का लालन-पालन अलग ढंग से होना शुरू हुआ। पहले संयुक्त परिवार होने से शिशु किस-किसके पास जाता और मस्ती करता था, वह सबके साथ हिल-मिलकर रहता था।जब भूख लगती थी, तब माँ के पास जाता था। और खाना खाना शुरू होने पर वह दादा- दादी, … Read more

सबने देखा कश्मीर की बदलती तस्वीर को

ललित गर्गदिल्ली************************************** श्रीनगर में जी-२० के पर्यटन कार्यसमूह के सम्मेलन से जम्मू-कश्मीर के बदलते सुखद एवं लोकतांत्रिक स्वरूप, पर्यटन को नई दिशा मिलने एवं बॉलीवुड के साथ रिश्ते मजबूत होने का आधार मजबूत हुआ है। बीते ७५ साल से जो हालात रहे, जिनमें विदेशी ताकतों का भी हाथ रहा है, उसमें एक पनपी सामाजिक शोषण, … Read more

अंकों से परे प्रतिभा को भी आँकिए

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** आजकल जिंदगी की लड़ाई और पेशेवर बनने-बनाने की होड़ ऎसी चल पड़ी है कि, हर जगह आगे ही रहने या होने का मतलब बना दिया गया है। यूँ कहें कि १०० में से १०० या ९९ अंक (प्रतिशत) की ही इज्जत और आपका सम्मान है, बाकी ६०-७० वाले को तो अजीब-सी नजर … Read more

वृक्ष कल्याणकारी, परिवर्तन स्वीकारें

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** पावन वट सावित्री व्रत जैसे व्रतों से सभी बहनें भावनात्मक रूप से अपने को सहज ही जोड़ लेती हैं और प्रातःकाल से ही इनकी पूजन विधियों में संलग्न हो जाती हैं। यह तो अच्छी बात है, पर समस्या तब आती है जब आज की पीढ़ी ऐसी बातों में विश्वास ही नहीं करती … Read more

अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** यह कितनी विडम्बना है कि, आज हर क्षेत्र में घपलेबाजी हो रही है। नेता और अधिकारी मिलकर देश लूट रहे हैं। छोटे सरकारी कर्मचारी काम न करके मात्र बैठ कर तनख्वाह लेकर या फिर घूस लेकर देश लूट रहे हैं। बड़ी विडम्बना है कि, एकमात्र धर्म परेशान लोगों का सहारा बन … Read more

नजरअंदाज न करें ‘लू’ को

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान में बहुतायत में आर्थिक सम्पन्नता के कारण ए.सी., कूलर और पंखे का होना आम बात है। इनका उपयोग यदि समझदारी से न किया जाए तो, गर्मी में लू (हीट स्ट्रोक) की चपेट में आ जाते हैं। होता यह है कि, हम घर, ऑफिस में ए.सी. और कूलर में बैठकर काम करते हैं। … Read more

शिक्षा के व्यवसायीकरण पर चिंतन जरूरी

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** कुछ दिन पूर्व मैं किताब खरीदने गई तो वहाँ एक महाशय अपने बच्चों की किताब खरीदने के लिए पुस्तक विक्रेता से दाम की अधिकता के बारे में तथा पुरानी किताब को बेचने के लिए अनुरोध कर रहे थे, और बड़बड़ा रहे थे कि क्या जमाना आ गया, शिक्षा व्यापार बन गई, पहले … Read more

भ्रष्टाचार-आतंकवाद पर एक ओर करारा प्रहार साबित होगा

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** आरबीआई ने सिर्फ २ हजार रुपए के नोट की नोटबंदी की बात कही है। ध्यान रखिए कि, इसमें देशवासियों को कोई असुविधा की बात ही नहीं है। हम सभी अपने नोट ३० सितम्बर २०२३ तक पूरे सवा ४ महीनों में बैंकों की शाखाओं से बदला सकते हैं।भारत में २०१७ … Read more