खरीददारी करते समय ध्यान दें

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)***************************************************** हम लोग अक्सर खरीददारी करते करने के लिए बाजार जाते हैं। बाजार में बहुत सारी दुकानें होती है। कुछ दुकानों पर बहुत भीड़ रहती है, अर्थात पैर रखने की जगह भी नहीं होती है और कुछ दुकानें ऐसी भी होती है, जहां इक्का-दुक्का ही ग्राहक होते हैं। तब हम लोग … Read more

धार्मिकता के नाम पर हिंसा अनुचित

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** दुनिया में धर्म के नाम पर सबसे अधिक हिंसाएं हुई हैं और उसके बाद स्त्रियों के नाम से बहुत युद्ध। जब हम अशिक्षित, अनपढ़, गंवार या आदिमयुगीन थे, तब ये सब कार्य होते थे तो भी मान्य थे, पर जब हम २१वीं शताब्दी में जा रहे हैं, जहाँ ज्ञान-विज्ञान की खुली छूट है, … Read more

ईर्ष्या से आगे बढ़ने का विचार कभी सुखद नहीं

ललित गर्गदिल्ली************************************** यह बड़ा सत्य है कि स्वार्थी एवं संकीर्ण समाज कभी सुखी नहीं बन सकता। इसलिए दूसरों का हित चिंतन करना भी आवश्यक होता है और उदार दृष्टिकोण भी जरूरी है। इसके लिए चेतना को बहुत उन्नत बनाना होता है। अपने हित के लिए तो चेतना स्वतः जागरूक बन जाती है, किन्तु दूसरों के … Read more

दक्षिण में हिन्दी-विद्वेष की राजनीति कब तक ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** दक्षिण भारत में हिन्दी का विरोध करके राजनीति चमकाने की कुचेष्टाएं होती रही हैं। वहां राजनीतिज्ञ अपना उल्लू सीधा करने के लिए भाषायी विवाद खड़े करते रहे हैं और वर्तमान में भी कर रहे हैं। यह देश के साथ मजाक है। यह मुद्दा जब-तब सिर उठाता देखा जाता है। ताजा मामला तमिलनाडु में … Read more

पाठ्यक्रम का ऐतिहासिक जोड़-घटाव

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* वेद-शास्त्रों में कहा गया है, ‘वही विद्या ज्ञान सागर है जिसमें समस्त प्रकार के जीव हैं और बड़े छोटे को आहार बना जीवित रहते हैं।’नित्य नए चर्चा के विषय कहां से उत्पन्न किए जाएं, जिससे समस्याओं में ऐसे पेचीदा तथ्यों को जोड़ा या घटाया जाए कि समस्या का समाधान किसी भी … Read more

यक्ष प्रश्न-मोदी जी का स्वागत अंग्रेज़ी में क्यों ?

डॉ. तोमिओ मिज़ोकामिओसाका (जापान)************************************ अभी कुछ दिन पहले की बात है कि, ‘आज तक’ की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया। मैंने आज तक चैनल में मोदी जी का पूरा भाषण बड़े चाव से सुना है, लेकिन उसके पहले आज तक के अध्यक्ष अरुण पुरी पता नहीं क्यों, अंग्रेजी में अपना स्वागत … Read more

छोटे शेयरधारकों की समस्या का निदान जरूरी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* सभी आम, साधारण, छोटे शेयरधारक (विशेषकर वरिष्ठ शेयरधारक) अपने शेयर डीमेट कराना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसा चाहकर भी अपनी समस्याओं के अलावा सरकार द्वारा बुनियादी समस्याओं पर समुचित ध्यान न देने के चलते नहीं कर पा रहे हैं। जिन बुनियादी समस्याओं पर राहत और ध्यान देने का आग्रह उपरोक्त श्रेणी … Read more

तकनीक ने किया बच्चों को पुस्तकों से दूर

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** कुछ दशकों पहले तक बच्चों के हाथ में पुस्तकें हुआ करती थीं, अब उनके हाथों में अक्सर मोबाइल या टी.वी. का रिमोट दिखता है, वह कम्प्यूटर पर खेल खेलते नजर आते हैं। वर्तमान हालात ये हैं कि बच्चे पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अलावा शायद ही कुछ पढ़ते हों। यह बेहद चिंता का विषय … Read more

बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हनुमान

ललित गर्गदिल्ली************************************** हनुमान जयन्ती (६ अप्रैल) विशेष… आधुनिक समय के सबसे जागृत, सिद्ध, चमत्कार घटित करने वाले एवं अपने भक्तों के दुःखों को हरने वाले भगवान हनुमान हैं। उनका चरित्र अतुलित पराक्रम, ज्ञान और शक्ति के बाद भी अहंकार से विहीन था। यही आदर्श आज हमारे लिए प्रकाश स्तंभ है, जो विषमताओं से भरे हुए … Read more

‘जियो और जीने दो’ के प्रणेता

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** महावीर जयन्ती (४ अप्रैल विशेष)… वर्तमान में वर्धमान की आवश्यकता है। संभवतः भगवान् महावीर के युग में भी हिंसा का बोलबाला रहा होगा, जिस कारण उन्होंने अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद के सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। विश्व ने हमेशा भगवंतों द्वारा स्थापित नियमों का पालन नहीं किया। विश्व में पशु हिंसा और प्रकृति का … Read more