यमराज और मैं…

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)***************************************************** नींद खुली तो किसी को सामने पाया, मैंने कहा-“पहचाना नहीं ?” उसने कहा-“मैं यमरा-ज हूँ।”यह सुनकर मैं काँप गया और यमराज जी की नीयत भांप गया। मैंने कहा-“बताइए, मैं आपकी क्या सेवा करूं ?” उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-“जनाब, सेवा तो मैं आपकी करने आया हूँ। इस लोक में आप … Read more

छात्रों का प्रार्थना पत्र

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ एक छात्र नेता ने,तमाम छात्रों को सहेजाऔर प्रधानमंत्री की सेवा में,एक प्रार्थना पत्र भेजा।उसमें लिखा था-महोदय,विनम्र निवेदन है-कि एककेन्द्रीय घुटाला जांच आयोगबनाया जाय,उसमें हमें रोजगार दिलाया जाय।इस योजना का विस्तार,देश भर में हो।हर नगर हर गाँव में,एक कार्यालय होराजनेता घुटालों का विस्तार करें,देशभर में उनका प्रचार करें।नये-नये छात्रों कोरोजगार मिलेगा,इससे जांच कार्यालयों काकार्य … Read more

महँगाई …!

राधा गोयलनई दिल्ली******************************************     अरे कहाँ है महंगाई…?       बंद करो महँगाई का रोना। हमारे जैसे बन जाओ ना।       देखो ना हमारे मुख्यमंत्री ने घोषणा करी थी ‘जहाँ झुग्गी,वहीं मकान।’ हमारे साथियों ने झुग्गियाँ बनाई हुई थीं। हमारे पास चिट्ठी भेजी। “यहाँ आ जाओ। इस देस मा सरण बड़ी आसानी से … Read more

चलनी की खोज

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** करवा चौथ विशेष… करवाचौथ के दिन पत्नी सज-धज के पति का इंतजार कर रही कि, शाम को घर आएंगे तो छत पर जाकर चलनी में चाँद-पति का चेहरा देखूँगी। पत्नी ने गेहूँ की कोठी मे से धीरे से चलनी निकाल कर छत पर रख दी थी। चूँकि, गाँव में पर्दा प्रथा की … Read more

आईए! कुछ मिलकर सोचते हैं!

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* राजनीति की किताब उल्टी पढ़ें या सीधी, अक्षर सारे एक से दिखते हैं। दाएँ से पढ़ें या बाएँ से, शब्द वही अर्थ देते हैं जो स्पष्ट समझाने होते हैं। श्वेत-पट राजनेताओं पर खूब फबते हैं। सिर पर बंदरनुमा टोपी और कुर्लेदार पगड़ी या प्रादेशिक दस्तार व टोपी पहन जब इतराते हैं, … Read more

कुत्ता पालने का शौक

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* ऑफिस से घर पहुंचा ही था तो देखता हूँ कि मेरे दोनों बच्चे अपने हाथों में एक-एक देसी कुत्ते का बच्चा पकड़े हुए गोदी में रखे हुए हैं और बेसब्री से मेरा इन्तजार कर रहे थे। मुझे देखते ही दोनों चहकने लगे और ज़िद करने लगे कि पिताजी हमें कुत्ता पालना … Read more

अच्छा खाना और सबेरे ६ बजे…

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* अच्छा खाने की किसे इच्छा नहीं होती है। कभी मुझे भी अच्छा खाने-पीने का शौक था। इसलिए कोई पार्टी या दावत,जिसमें मेरा निमंत्रण होता, मैं कभी नहीं चूकता था। मेरा गोल-मटोल शरीर देख मुझे प्यार से मेरे मित्र ‘गोलू’ कह कर बुलाते थे। दोस्तों के घर में जब भी अच्छा-अच्छा पकवान … Read more

नींबू को लगी महंगाई की नजर

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** अमूमन बुरी नजर से बचाने वाले नींबू को ही इस बार जब महंगाई की बुरी नजर लग गई तो इसका उतारा क्या है ? दांतों पर नींबू रगड़ने वाले भी परेशान हैं कि गुलाब जामुन के भाव बिकने वाले नींबू का क्या करें ? आम तौर पर चिलचिलाती गर्मी में भी रूपए-२ … Read more

काला मुँह

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* रेल्वे कॉलोनी में घर बहुत बढ़िया रहता है। सभी घर एक जैसे दिखते हैं, जिससे एक सुंदरता का अनुभव होता है। रेल्वे के सभी घरों में मकान नंबर लिखे होते हैं, और सभी सड़क का भी नंबर। अगर आपको अपने किसी परिचित के घर पहुँचना है तो केवल नाम जानने से … Read more

राजू की शादी

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* राजू मेरा बचपन का मित्र था। हम दोनों एकसाथ विद्यालय और महाविद्यालय में पढ़े थे। उसके बाद हम दोनों को अलग-अलग शहर में मुझे रेलवे में नौकरी मिल गई और राजू को बैंक में। एक दिन राजू का फ़ोन आया,बोला,-मुझे एक लड़की शादी के लिए पसंद आ गई है। तुझे आकर … Read more