यमराज और मैं…
डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)***************************************************** नींद खुली तो किसी को सामने पाया, मैंने कहा-“पहचाना नहीं ?” उसने कहा-“मैं यमरा-ज हूँ।”यह सुनकर मैं काँप गया और यमराज जी की नीयत भांप गया। मैंने कहा-“बताइए, मैं आपकी क्या सेवा करूं ?” उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-“जनाब, सेवा तो मैं आपकी करने आया हूँ। इस लोक में आप … Read more