स्वार्थियों से जंग कब तक

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** मेरी डायरी से……भाग-१ मेरा जीवन शीशे की भांति साफ है। बचपन से ही जो मन में होता है,वही बाहर होता है। मैं दोगलापन न करता हूँ और न ही सहन करता हूँ। इसलिए दूसरों से बिल्कुल भिन्न हूँ। समाज में फैली कुरीतियों से अत्यंत दुखी हूँ। समाजसेवा,ईमानदारी … Read more

गुरु-शिष्य महिमा को बढ़ाएं

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ डूंगरपुर के एडीएम ने वर्षों बाद अपनी गुरु पिपलागूँज निवासी प्राथमिक शिक्षिका माया ननोमा को ढूंढा और उनसे अशीर्वाद लेने चल पड़े। मिले तो बस दृश्य ऐसा था कि…..सैलाब बह निकला नयनों से…l जी हाँ,गुरु- शिष्य की महिमा से मैं रूबरू होता रहा हूँ। मेरे पिताजी स्व. बसंतीलाल वर्मा … Read more