एक दुर्घटना…
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** आज भी जब मैं वह दुर्घटना याद करती हूँ, तो मेरा मन विचलित हो जाता है, पर जहाँ अपना कोई वश नहीं; वहाँ हम लाचार हो जाते हैं और बस दृष्टा की तरह सब कुछ देखते रहते हैं। बात उन दिनों की है, जब हम रेलवे कॉलोनी में रहते थे। पापा रेलवे … Read more