लघुकथा का सृजन कठिन-प्रो. खरे
मंडला (मप्र)। इस लघुकथा सम्मेलन में पढ़ी गई २ दर्जन लघुकथाओं में व्यंग्यात्मक एवं गहन चिंतन का दर्शन होता है। लघुकथा कहने को लघु होती है किंतु लघुकथा का सृजन कठिन है। कविता की तरह लघुकथा को भी सपाटबयानी से बचनी चाहिए।भारतीय युवा साहित्यकार परिषद के तत्वावधान में ऑनलाइन लघुकथा सम्मेलन में यह विचारअध्यक्षीय टिप्पणी … Read more