तान गई डीजे बजे,बीन गई खो आज

पर्यावरण दिवस पर कवि सम्मेलन सरगुजा (छग)। कलम की सुगंध छंंदशाला के तत्वावधान में पर्यावरण दिवस के अवसर पर ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। भारत के अनेक राज्यों से रचनाकारों ने इसमें प्रतिभागिता की। रचना ‘तान गई डीजे बजे,बीन गई खो आज’ को खूब पसंद किया गया।मंच संचालिका अनिता मंदिलवार ‘सपना’ ने बताया … Read more

‘हार हमें स्वीकार नहीं’ से जगाया श्रोताओं में विश्वास

मंडला(मप्र)। साहित्यिक संस्थान अंतर्राष्ट्रीय शब्द सृजन ने ‘कोरोना’ से पीड़ित मानवता में विश्वास पैदा करने हेतु ‘हार हमें स्वीकार नहीं’ विषय पर काव्य समागम किया। इसमें वरिष्ठ साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से सबका हौंसला बढ़ाया।संस्था के संस्थापक डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय ने कविता पाठ करते हुए कहा-‘बातें करते आँख डालकर,करते नहीं कभी मनुहार। जंग जीतने … Read more

सरगुजा की साहित्यकार अनिता द्वारा नवल छंद का आविष्कार

अंबिकापुर-सरगुजा(छग) | अम्बिकापुर की व्याख्याता और साहित्यकार अनिता मंदिलवार ‘सपना’ ने हिन्दी साहित्य में नए छंद का आविष्कार किया है। गुरूदेव संजय कौशिक ‘विज्ञात’ के मार्गदर्शन में कलम की सुगंध छंदशाला मंच पर पंच परमेश्वर छंद मर्मज्ञों की उपस्थिति में इस ‘सपना सवैया’ छंद को मान्यता दी गई।इस नवल छंद पर ५० से अधिक छंदकारों … Read more

नवल छंद ‘विज्ञात सवैया’ और ‘कोविद सवैया’ को दी मान्यता

सरगुजा (छग)। कलम की सुगंध छंदशाला मंच पर संस्थापक गुरूदेव संजय कौशिक विज्ञात द्वारा विज्ञात सवैया और छंदशाला परिवार से परमजीत सिंह कोविद द्वारा कोविद सवैया नवल छंद निर्माण किया गया है। यह उनके स्व नाम से जाना जाएगा,जिसे छंदों में सम्मिलित करने की अनुमति दी गई है।इस कार्यक्रम के अध्यक्ष अर्णव कलश एसोसिएशन की … Read more

सिद्धेश्वर की कहानियाँ समाज के मुखौटे को उतारने में पूर्णतः सफल-प्रो.शरद नारायण खरे

ऑनलाइन कथा पाठ………. मंडला(मप्र)। सिद्धे्वर जी की कहानी ‘बसेरा’ रिश्ते-नातों की ख़त्म होती मिठास,गिरते मूल्यों व ख़ुदगर्ज़ होते इंसानों की सच्चाई को परोसती एक ऐसी मार्मिक कथा है,जिसमें पुत्र स्वार्थी बनकर अपने पिता से मुख मोड़ता नज़र आता है। कहानी समाज के मुखौटे को उतारने में पूर्णतः सफल है।प्रसिद्ध साहित्यकार एवं विशिष्ट अतिथि प्रो.शरद नारायण … Read more

गीत,कथा के कालजयी सृजक हैं डॉ.गोरख मस्ताना-प्रो. खरे

भेंटवार्ता…… मंडला(मप्र)। डॉ. मस्ताना सृजन के महारथी हैं। बेतिया (बिहार) के सुपरिचित कलमकार हिंदी व भोजपुरी के बहुप्रतिभाशाली सृजक डॉ. गोरख प्रसाद मस्ताना गीत,कथा,लघुकथा व अन्यान्य विधाओं की अनेकानेक कृतियां सृजित कर साहित्य जगत में उच्च प्रतिष्ठा हासिल कर चुके हैं। उनकी रचनाओं में गहराई,संवेदना,सामाजिक चेतना सभी कुछ नज़र आता है।इसीलिए उनकी रचनाएं कालजयी हैं।यह … Read more

‘घर-परिवार’ का महत्व बताकर मयंक वर्मा ‘निमिशाम्’ व डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी बने प्रथम विजेता

डॉ.शिव शरण श्रीवास्तव ‘अमल’ तथा गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’ ने पाया स्पर्धा में दूजा स्थान इंदौर(मप्र)। हिंदी लेखन को बढ़ावा,कोपलों को प्रोत्साहन और मातृभाषा हिंदी के सम्मान की दिशा में हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार के प्रयास सतत जारी हैं। इसी निमित्त ‘घर-परिवार’ (अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस) विषय पर स्पर्धा आयोजित की गई। इसमें क्रमशः मयंक … Read more

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जनता से भाषाई भेदभाव करने पर लोक शिकायत

रायसेन(मध्य प्रदेश)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जनता से भाषाई आधार पर भेदभाव करने पर लोक शिकायत की गई है। महोदय,भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा भारत की जनता से भाषाई आधार पर भेदभाव किया जा रहा है,सभी सुविधाएँ अंग्रेजी जानने वाले ५ प्रतिशत नागरिकों को ध्यान में रखकर दी जा रही हैं,देश की ९५ प्रतिशत … Read more

सकारात्मकता का संचार करे,ऐसे साहित्य का सृजन करें

लोकार्पण…… इंदौर (मप्र)। वर्तमान ‘कोरोना’ दौर में लोगों में इस महामारी को हराने का जज़्बा पैदा करें ऐसे साहित्य की समाज को जरुरत है। नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता का संचार करे,ऐसे साहित्य का सृजन करें।यह बात डॉ. बूलाकार ने डॉ.स्वाति सिंह की पुस्तक ‘शब्द विहीन’ कविता संग्रह के अखंड संडे द्वारा आयोजित ऑनलाइन लोकार्पण … Read more

भयावहता में चेतना जाग्रत करने के उद्देश्य से सृजित कविताएं समाज सेवा ही-प्रो. खरे

मंडला(मप्र)। कोरोना की विभीषिका दिल दहला देने वाली है,जिसने सारी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। हम कवि-लेखक-कलाकार भी घबराए,पर बाद में न केवल हम खुद संभले,बल्कि अपने सृजन व कला से हम औरों को संभालने व उनका मनोबल बढ़ाने में भी जुट गए। सम्मेलन में कविताओं को सुनकर ऐसा ही लगा कि कोरोना से … Read more