नाट्य कार्यशाला में समझाई अभिनय की बारीकियाँ

शिलाँग(मेघालय)l संगीत नाटक अकादमी(नई दिल्ली) के सहयोग से डॉ. अकेलाभाई प्रोग्रेसिव फाउंडेशन(छाप,गोपालगंज) द्वारा सिसई स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल में हिंदी नाट्य कार्यशाला का आयोजन फाउंडेशन के कार्यक्रम निदेशक जान मुहम्मद के संयोजन में किया गया। कार्यशाला के दौरान रंगमंच का इतिहास,वाचिक परम्परा,नाटक की उपयोगिता,रोजगार के अवसर,अभिनय,संवाद,लेखन,स्मरण शक्ति का प्रयोग,मंच व्यवस्था एवं रेडियो नाटक आदि विषयों … Read more

भाविप ने माना-अंग्रेज़ी भाषा का ज्ञान बौद्धिक क्षमता का निर्धारण नहीं करता

दिल्ली। भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल) ने अंग्रेजी के अलावा,भारतीय भाषाओं में राष्ट्रीय विधि विद्यालयों में प्रवेश के लिए संयुक्त विधि प्रवेश परीक्षा (संविप्र परीक्षा या क्लैट) आयोजित करने की व्यावहारिकता का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया है। परिषद ने यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा प्रथम कौशिक,नवीन कौशिक और अरुण … Read more

साहित्य संस्थान ने कराया कवि सम्मेलन

हरियाणाl राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान के तत्वावधान में महा कवि सम्मेलन कराया गयाl ५ जुलाई रविवार को इसमें पूरे भारत के ८६ कवियों द्वारा गुरु की महिमा अपनी रचनाओं द्वारा अलग-अलग तरीकों एवं अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत की गईl संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवल पाल प्रभाकर ‘दिनकर’ की उपस्थिति एवं राष्ट्रीय महासचिव रूपेश कुमार की … Read more

पत्रिका ऑनलाइन विमोचित

भवानीमंडी(राजस्थान)। अखिल भारतीय साहित्य परिषद इकाई (भवानीमंडी) द्वारा प्रकाशित ‘साहित्य दर्शन’ ई-पत्रिका के चतुर्थ अंक-पावस,प्रकृति और प्रीति का विमोचन ऑनलाइन समारोह में सोमवार को मुख्य अतिथि भंवरसिंह कुशवाह (प्रधान सम्पादक-बालाजी टाइम्स)ने किया। समारोह संयोजक एवं पत्रिका के प्रधान सम्पादक डॉ. राजेश कुमार शर्मा ‘पुरोहित’ ने बताया कि इस अंक में 18 रचनाकारों की श्रेष्ठ रचनाएँ … Read more

महासंग्राम में रचनाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति,किया सम्मानित

मधुपुर(झारखंड)। अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला संगम-साहित्योदय द्वारा आयोजित साप्ताहिक परिचर्चा सह अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन ‘साहित्योदय साहित्य संग्राम’ का सातवां अंक शानदार रहा। इसका उदघाटन प्रसिद्ध ओज कवि बेबाक़ जौनपुरी ने किया। उन्होंने कई शानदार गीत और दोहे सुनाए।साहित्योदय संस्थापक प्रमुख पंकज ‘प्रियम’ ने बताया कि,साहित्योदय ने इस ‘कोरोना’ काल को साहित्य सृजनकाल में बदल दिया है। … Read more

भारत को भारत ही कहें,इंडिया नहीं

‘भारत को भारत बोला जाए’ पर हुआ वेबिनार मुंबई(महाराष्ट्र)। जब किसी इन्सान के नाम दो नहीं हो सकते,तो हमारे राष्ट्र का दो नाम क्यों ? आजादी के ७३ साल बीत रहे हैं हमारे भारत से अंग्रेज १९४७ से ही चले गए,लेकिन हमारे पास इंडिया छोड़ गए,जिसे आज तक हम अपनाए हुए हैं। हमारे भारत के … Read more

साहित्यकार भी कर सकता है विज्ञान लेखन

हिंदी में वैज्ञानिक लेखन पर वेबिनार मुंबई(महाराष्ट्र)l जिस प्रकार एक वैज्ञानिक, वैज्ञानिक होते हुए भी ललित साहित्य लिख सकता है,उसी प्रकार कोई साहित्यकार चिंतक लेखक तर्कशील बुद्धि पर तथ्यों का प्रयोग करते हुए विज्ञान लेखन कर सकता है।यह बात विज्ञान प्रचार-प्रसार, वैश्विक हिंदी सम्मेलन व हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी में वैज्ञानिक … Read more

बदली हुई परिस्थिति में मातृभाषा का महत्व और अधिक-कुलपति डॉ. रेणु जैन

देअविवि में हिंदी पर वेबिनार इन्दौर(मप्र)। संस्कृति को उन्नत बनाने में भाषा श्रेष्ठ माध्यम है। मातृभाषा में अध्ययन-अध्यापन करने से मौलिक विचार उत्पन्न होते हैं। इससे भाषा का शब्द भण्डार समृद्ध होता है। बदली हुई परिस्थितियों में मातृभाषा का महत्व और अधिक बढ़ गया है। भाषा में आत्मनिर्भरता से तेज गति से विकास होगा।यह बात … Read more

मेरी लिपि मेरी शान,क्यों करूँ विदेशी का गुणगान पर हुआ चिंतन

राष्ट्रीय गोष्ठी मुंबई(महाराष्ट्र)l भारतीय भाषा मंच,वैश्विक हिंदी सम्मेलन एवं नागरी लिपि परिषद की ओर से राष्ट्रीय गोष्ठी का आयोजन गूगल मीट पर किया गया। इसका विषय था-मेरी लिपि मेरी शान,क्यों करूं विदेशी का गुणगान। इसकी अध्यक्षता डॉ. विनोद बब्बर(सदस्य नागरी लिपि परिषद) ने की। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मोतीलाल गुप्ता(निदेशक-वैश्विक हिंदी सम्मेलन एवं … Read more

राह पथरीली बहुत थी,फिर भी हम चलते रहे–प्रो. खरे

कवि गोष्ठी मंडला(मप्र)। डॉ. रामनिवास ‘इंडिया’ की अध्यक्षता,डॉ. राजीव पांडेय के मुख्य आतिथ्य व डॉ.रामप्रकाश’ पथिक’ के विशिष्ट आतिथ्य में अखिल भारतीय साहित्य सदन (दिल्ली) की ऑनलाइन कवि गोष्ठी हुई।इसमें सुपरिचित कवि प्रो.शरद नारायण खरे की ग़ज़ल-‘राह पथरीली बहुत थी फिर भी हम चलते रहे…’ को ज़बरदस्त सराहना मिली।जानकारी के अनुसार इस गोष्ठी का सरस … Read more