सनातन संस्कृति का समागम

भागचंद ठाकुरकुल्लू (हिमाचल प्रदेश)******************************************** प्रथम यज्ञ भूखंड धरा पर आर्य का आगाज है,है पावन संगम की धरती यह प्रयागराज है। कण-कण में भगवान बसे पग-पग स्वर्ग से धाम यहाँ,गंगा, यमुना, सरस्वती में चरण पखारे राम यहाँ। प्रयागराज की पावन भूमि पर उमड़ा जन सैलाब है,१४४ वर्ष बाद बना अद्भुत संयोग महाकुंभ का आगाज है। जुलूस … Read more

खूबसूरत ख़ंजर

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** जीत कर अनगिनत लड़ाइयाँ,सत्ता के सिंहासन तक पहुँचातो देखा-रत्न-जड़ित ख़ंजर,सत्ताधीशों की अर्चना में आलोकितअंगीकार किए कई रक्त-रेखाएँ,मानो वह कोई शिल्प होजो इतिहास की छैनी से गढ़ा गया हो!साजिशों की महीन बुनावट में,हर वार को रेशमी स्पर्श दिया गया,ताकि रक्त की गंधगुलाबों की सुगंध से दब जाए। हत्या की बदसूरती,शब्दों की … Read more

छा गई वसंत बहार

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** जंगल सजे,जैसे टेसू ने किया श्रृंगारआम के फूल महके,जैसे जंगल के द्वारकोयल कूकी ऐसे,जैसे बज रही शहनाईजंगल द्वार,लगने लगा जैसेछाई हो जमके वसंत बहार। ताड़ी के पेड़ मदमस्त हुए,लटकी मटकियाँलगे जैसे तोरण द्वार।वसंती हवा से सरोबार हुआ,जैसे छा गई मन में वसंत बहार॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई … Read more

पावन प्रयागराज में है कुम्भ का मेला

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ शीतल सुखद समीरण, शुभ माघ की बेला।पावन प्रयागराज में है कुम्भ का मेला॥ प्रात: से गूँजती यहाँ, वेदों की ऋचाएं,दिन में सुनाई पड़तीं हैं, संतों की कथाएं।संध्या में भजन सुनिये मधुर राम- कृष्ण के,रातों में देखिये सजे मंचों पे कलाएं।आओ जहान वालों, सब छोड़ झमेला,शीतल सुखद समीरण, शुभ माघ की बेला…॥ बदली है … Read more

‘ज़िंदगी’ जीने की कला

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** ईश्वर से सबको,ज़िंदगी मिली हैकिसी को कम,किसी को ज्यादा मिली है। ज़िंदगी सबके पास है,पर सबको जीना नहीं आताहर व्यक्ति खोने और पाने,की चिंता में है जिंदगी गुजारता। कुछ लोग ज़िंदगी,गुजारते हैंकुछ लोग ज़िंदगी,काटते हैं। ज़िंदगी मिली है तो,ज़िंदगी का मजा लीजिएज़िंदगी जीने की,कला सीख लीजिए। सुख और दु:ख … Read more

साहस कभी खोना न

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** आई परीक्षा पर चर्चा,चर्चा में परीक्षा वक़्तआएगी जब परीक्षा पर्चा,होने न देना अपनी चर्चा। साहस कभी तुम खोना न,किस्मत कोस रोना नासाधे चिंतन से चिंता को,उदयम से पा लक्ष्य को। सुबह का पथिक-पथ विस्मृत,लौटा क्यों कहे विस्मृत!जीवन में परीक्षा चक्र,प्रश्न-पत्र जीवन का वक्र। नित्य अध्ययन रखो तुम बच्चों,वीर सब मन … Read more

जीवन की आकांक्षा

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** जीवन की आकांक्षा जैसे कल-कल बहती नदिया धारा,भावों से स्पंदित रचता सृजन कल्पना कोई बेचारा। वह मानव को मानव गढ़ता उसको दोषमुक्त करके,कुत्सित जग का रूप सजाता ललित कला उसमें भर के। नव मानवता विकसित करता दर्शन विज्ञान साथ लेकर,रूढ़ि-रीतियाँ यथा हेतु आराधित साथ उन्हें लेकर। रीति-नीति को अपनाता जो बने नहीं … Read more

मायूस चेहरे खिल जाएँगे

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** जब तक जागे हैं,बातें करते रहिए जनाबन जाने कब,आँखें बंद हो जाएँ…और हम पछताते रह जाएँ। जब नींद आएगी,इस कदर सोएंगेकि लोग जगाएंगे बहुत,मगर हम जाग नहीं पाएँगेचिरनिद्रा में सो जाएँगे। बहुत रोएंगे मेरे अपने,मेरे चाहने वालेलेकिन हम तो सिर्फ,ख्यालों में नज़र आएँगेतस्वीर में जड़ जाएँगे। ये जीवन अनमोल रत्न है,हँसी-खुशी बिताइएपल … Read more

सेवा धर्म महान

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* सेवा धर्म महान है, जीवन का आधार।करें कर्म निस्वार्थ ही, सुखमय हो संसार॥सुखमय हो संसार, धर्म ये जो भी करता।हो जाता भव पार, कष्ट सबके वह हरता॥कहे ‘नवल’ सुन भ्रात, वही पाते हैं मेवा।स्वार्थ भाव को त्याग, करे जो जग में सेवा॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय में प्राचार्य (बांदीकुई,दौसा) … Read more

धरती पर स्वर्ग बसा

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* महाकुम्भ के अपूर्व वैभव का, दिव्य महागान आसान नहीं,हिंदुत्व के चरमोत्कर्ष का, उत्सव है यह खेल नहीं। अदभुत विशाल प्रभु-भक्ति का, दूजा कोई धाम नहीं,हिंदू-धर्म का इस धरती पर, देखा दूजा यशो-गान नहीं। जात-पात और हैसियत से, कहीं कोई सरोकार नहीं,छोटे-बड़े, ज्ञानी-ध्यानी में, श्रद्धा का कोई तौल नहीं। गंगा, यमुना और … Read more