शिव सत्य है…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ शिव हैं परमपिता,वही हमारा आधार हैधरती पर वह सत्य है,वह शून्य भी और सर्वव्यापी शिखर भीक्योंकि, वह हम सभी के लिए सत्य है। दुनिया को बचाने स्वयं ही,विष का सेवन कियावह दानी-औघड़ जिसने सब कुछ दान किया,वह कालों के काल महाकाल बनकर जग का कल्याण किया,क्योंकि, वह हम सभी के … Read more

अधूरे वादे

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** काश! तुम जिंदा होती,सपने अधूरे वादे अधूरेसब बात अधूरी,साथ अधूरा। सपने परेशान करते,यादों को बार-बार दोहरातेनींद से उठ बैठता,गला सूखने परमांगता था पानी,अब खुद उठ कर पीता हूँ पानी। काश! तुम जीवित होती,बीमारी में मुझे छोड़कर न जातीतुम बिन सब अधूरे,वादे अधूरेअगले जन्म में होगी साथ।काश! यही तो हैविश्वास,वादे होंगे पूरे॥ परिचय-संजय … Read more

सनातन आस्था ‘प्रयागराज’

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** सनातन आस्था का यह एक प्रमाण है,जिसे देखो वही प्रयागराज जाने को तैयार हैरेलगाड़ी, बस, हवाई जहाज़, कार, मोटर साइकिल और ऑटो पर सवार। चले जा रहे हैं एक ही ओर, सब कष्ट सहना है मंजूर,समाचार पत्रों में रोज़ पढ़ रहे हैं यह समाचार,वहाँ संगम तट पर पैर रखने को जगह नहीं, … Read more

बसंती अनुराग

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** शिशिर की सिहरन में चली, तरुओं से पर्णों की बारातेंसुरभित होने लगी है अब, शिशिर की आखरी रातें। स्वर्णिम-स्वर्णिम रंग की तरुओं को मिली सौगातें,हवाएं कानन में करने लगी अजीब-अजीब-सी बातें। झुण्ड स्वर्णिम सांध्यमय पर्णों के उतरने लगे भूमि पर,छाया देकर पर्ण लौट चले, अपने गंतव्य की जमीं पर मृत्यु में … Read more

काश! झूलते साथ में

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* टूट गई हूँ सजन मैं, इन्तजार दिन- रात।भींगी तन-मन बालमा, मत खेलो जज्बात॥ सावन बीता जा रहा, सजन विरह अति घोर।आ जा साजन बालमा, मत रूठो चितचोर॥ सखियों को जब देखती, झूला बैठे नैन।काश! झूलते साथ में, मिले विरह मन चैन॥ बेदर्दी तुम साजना, भूल गये रतिराग।सूना है झूला … Read more

याद उम्र भर की

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* लम्हें कुछ पल के हो,पर याद उम्रभर की होती हैं। साथी चलते हैं कुछ दूर तक,पर कभी रास्ते ही बिछड़ जाते हैं। सुख क्षणिक भर का भी,मन को हर पल उज्ज्वल करता है। दु:ख यथार्थ हैं जीवन का,अनंतकाल तक रहता है। जीवन छोटा हो या बड़ा,हार-जीत क्रम तो चलता है। इश्क़ … Read more

आए इस संसार में हम

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** प्रभु-प्रेमी की राह अलग है,भोज-भोग चिंतन मन नाहींपल पल हिरदय नाम सुलग है,प्रभु मूरत अंतर-घट माहीं। आए इस संसार में हम जुड़ने को भगवान से,बिता उमरिया असमंजस में रहते क्यों अनजान से। मौन का जग में आश्रय लेकर भक्ति के सुर साध लो,कभी न खुलने वाला शाश्वत-बंधन प्रभु से … Read more

सृष्टि रच रही असर…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* शाख हिले पवन से,फूल-कली झूलते।बिन दिखे पवन चले,पौध मगन खेलते।खार रहे शाख पर,फूल को मिले शिखर।सीखती न ज़िंदगी,सृष्टि रच रही असर॥ वक्त यहाॅं साथ में,जन्म से बना रहा,सुख सभी भुला दिये,दुखों में बुरा कहा।तय समय बना हुआ,हालतें दिया करेहर पहर खिली रहे,सृष्टि से रौशनी॥सूर्य किरण भोर में,शाम रात चाॅंदनी,क्यों मलाल … Read more

हे शारदे वरदायिनी माँ…

प्रजापति सरोज,मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** हे शारदे वरदानी माँ, ज्ञान दे माँ ज्ञान दे,हे श्वेत अम्बरधारिणी माँ, धवल मन वरदान दे। हे शारदे वरदानी माँ, ज्ञान दे माँज्ञान दे,हे पुष्प-पुस्तक कर धारिणी माँ, ज्ञान की बौछार दे। हे शारदे वरदायिनी माँ, ज्ञान दे माँ ज्ञान दे,हे अलख तेज़ प्रकाशिनी माँ, मन-तम से निवार दे। हे शारदे … Read more

हैप्पी वैलेंटाइन-डे

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “सॉरी, आई ऐम लेट।”लगभग ५० वर्षीय सुंदर महिला, जिसने पिंक साड़ी के साथ मैचिंग झुमके पहने हुए थे, अपने पर्स को टेबिल पर रखते हुए बोलीं…“अरे, आप कितनी देर से मेरे इंतजार में बैठे हुए हैं ?”सामने टेबिल पर बेकरारी से उनका इंतजार कर रहे मलय जी बोले, “आखिर तुम आ गई, … Read more