दिल को मारा हमने…

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** जिंदगी की कश्मकश में पाया नजारा हमने। खुशियों को खत्म करके पाया ख़सारा हमने। अपने दुश्मन से किया जबसे किनारा हमने, दिल-ए-नादान को किश्तों में है मारा हमने। हाथ जब छोड़ के तनहा किया उसने मुझको, बेबसी में फकत बस रब को पुकारा हमने। ज़िंदगी कर दी दोज़ख किसी रहज़न … Read more

वीर सेनानी शिवाजी

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** छत्रपति शिवाजी महाराज जयन्ती (१९ फरवरी) विशेष… छत्रपति शिवाजी महाराजएक योद्धा, एक राजा, एक सुविचार,था स्वराज का सपना, उनकी आँखों में अपार। थे नौ भाषाओं के ज्ञानी, सदा रहे दूरदर्शी,कुशलता-वीरता था रक्त, हृदय मर्मस्पर्शी। मुगलों से धरती को, अपनी तलवार से,स्वतंत्र कराया, हर एक प्रहार से। माता जीजाबाई का लाल, शाहजी भोंसले … Read more

शब्द आते हैं…

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** शब्द आते हैंधीरे-धीरे,जैसे किसी गहरे कुएँ सेरस्सी पर लटकते हुए,एक-एक कर निकलते हों। कभी धुँधलेकभी साफ़,कभी अधूरेतो कभी इतने तेज़,कि दिमाग़ की दीवारों से टकराकरख़ुद ही लौट जाते हैं। मैं उन्हें पकड़ता हूँसँवारता हूँ,कभी अपनी उँगलियों सेकभी एक बेचैन ख़्याल से,तो कभी बस यूँ हीउन्हें बहने देता हूँ,जैसे बारिश की … Read more

बादल और चाँदनी

  ऋचा गिरिदिल्ली******************************** कल बादल को चलते देखा,आँगन से शाम ढलते देखाचाँदनी से आँख-मिचौनी खेल,फिर जल्दी-जल्दी चलते देखा। पल आँखों से ओझल हो,दूर जा भेष बदलते देखातारे गवाही दे रहे थे कि,आप-आप में खलते देखा। चाँदनी से विरह होने का,शायद उसको गम थाहाँ, फिर वह जाकर रोया,तोड़ा जो वो वचन था। विकल चाँदनी सोच रही,क्या … Read more

जो जीते… वो बाजीराव

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* स्वर्णिम मेरे भारत का,इतिहास रंगा जांबाज़ी सेकुरेद रही पन्ना-पन्ना,जो अटा पड़ा शौर्य-गाथा से। जो गर्व मेरा, सबसे मंगल,मस्तक ऊँचा कर देता हैकहीं नहीं ऐसे बलिदानी सुने,जैसे भारत ने वीर जने। बेमिसाल अजेय योद्धा वीर हुए,जो जीते सदा… वह बाजीराव हुएजिनके किस्से सुन-सुनकर के,अभिमान से मस्तक रोज झुके। भारत में लक्ष्य हिंदू … Read more

धर्मरक्षक ‘छत्रपति’

मानसी श्रीवास्तव ‘शिवन्या’मुम्बई (महाराष्ट्र)****************************************** छत्रपति शिवाजीराजे महाराज जयन्ती (१९ फरवरी) विशेष…. जो करता था धर्म की रक्षा,मातृभूमि थी सर्वप्रथम जिसकी सर्वदा। माता के आदर्शों का पालन,पिता के मूल्यों का रक्षण। ऐसे एक वीर योद्धा थे,जिनका नाम था महाराज शिवाजी। पंद्रह वर्ष की आयु में,जिन्हें था सभी शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान। महारथी थे नौसेना रणनीति … Read more

हर्षित हो जाता तन-मन

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* हर्षित हो जाता है, तन-मन नई फसल जब आती है।ढोल-ढमाके झांझ-मंजीरा, की धुन मन को भाती है॥ श्रम कर-करके फसल उगाई, तब हरियाली छाई है,लाख जतन जब करके हारे, नई फसल तब आई है।मन में ज्योत जली खुशियों की, और जल गई बाती है,हर्षित हो जाता है…॥ शुभ शगुन की … Read more

वीर अमर मराठा

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** छत्रपति शिवाजीराजे महाराज जयन्ती (१९ फरवरी) विशेष…. वीर शिवाजी अमर मराठा,गाते सब हैं जिनकी गाथाउनकी सुनो कहानी,वो तो वीर बड़े अभिमानी। माँ जीजा से सुनी कहानी,कभी किसी से हार न मानीपिता शाह के वीर मराठा,कर दी क़ुर्बान जवानी। नींव मराठों की रख डाली,बल, बुद्धि, साहस और ज्ञानीजिनकी पूजा मात भवानी,वो तो वीर … Read more

तुम मिलो तो

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* एक लहर हूँ,तुम मिलो तो किनारा बन जाऊँ…एक मझधार हूँ,तुम मिलो तो पत्थर बन जाऊँ…। एक लम्हा हूँ,तुम मिलो तो दास्ताँ लिख जाऊँ…एक हवा का झोंका हूँ,तुम मिलो तो तूफ़ान बन जाऊँ…। एक बारिश की बूँद हूँ,तुम मिलो तो सैलाब बन जाऊँ…कुछ ओस की बूँदें हूँ,तुम मिलो तो जलधारा बन जाऊँ…। … Read more

खिलखिलाती हँसी…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ बहुत दिनों के बाद पकड़ में आई हो…थोड़ी-सी खिलखिलाती ‘हँसी’तो मैंने पूछा-कहाँ रहती हो आजकल ?ज्यादा मिलती नहीं…,यहीं तो हूँ… जवाब मिला। मैं बोली, बहुत भाव खाती हो…,खिलखिलाती हँसी…कुछ सीखो अपनी बहन से…,हर दूसरे दिन चली आती हैहमसे मिलने… ‘परेशानी’…। आती तो मैं भी हूँ…,पर आप सब ध्यान नहीं देतीं…अच्छा, कहाँ थीं … Read more