थोड़ी-सी जगह देना

कमलेश वर्मा ‘कोमल’अलवर (राजस्थान)************************************* ओ राह के मुसाफिर,थोड़ी-सी जगह हमें देनापहुंच जाएंगे हम भी पथ पर,थोड़ी-सी जगह हमें देना। नहीं भटकेंगे राह तनिक भी,गर सहारा हमें मिल जाएगापथ के राही भूल न जाना,मंजिल का किनारा मिल जाएगा। भूल हो जाए तो क्या हुआ ?पथ में साथी मिल जाएंगेनहीं भटकेंगे राह तनिक भी,पथ के साथी राह … Read more

पेड़ लगाओ

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** हरियाली धरती की शान,पौधे देते हमें जीवनदानफल-फूल जड़ी-बूटी की खान,ये महकाए समस्त जहान। किरणें जब इस पर पड़ जाएं,सुखद सुहाना दृश्य दिखाएंजब हवा के संग पौधे लहराएं,खुशी में पौधे झूम के गाएं। जीवन वायु ये पौधे देते,बदले में बस प्यार ही लेतेपंछी इन पर बसेरा करते,वर्षा और धूप में साया … Read more

‘प्रेम’ व्यापार नहीं

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* प्रेम कोई व्यापार नहीं है, अन्तर्मन का भावामृत है।निर्मल शीतल गुंजित हियतल, आँखों में भाव सृजित है। तन मन धन अर्पण जीवन पल, नव वसन्त मधुमास चमन है।अनमोल अगम विभव प्रेम रस, यथा इष्ट हो प्रेम ग्रहण है। क्षमा दया करुणार्द्र चरित रस, सप्तसिन्धु अविरल प्रवाह हैगंगाजल सम पावन … Read more

आस्था सँवर गई

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** आर्यावर्त की आस्था ज्वार-सी जग गई,सनातन संस्कृति में दुनिया लग गईप्रयाग में आस्था सैलाब बन बह गई,महाकुम्भ में भक्ति डेढ़ माह तक रह गई। व्यवस्था शासन-प्रशासन को कह गई,तीर्थक्षेत्र की व्यवस्था-परम्परा सब सह गईआपसी सौहार्द, स्नेह, सहयोग से झोली भर गई,महाकुम्भ के श्रद्धालुओं की इच्छा तर गई। बिहार, बंगाल, झारखंड, … Read more

हेरा-फेरी में क्या रखा

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** जीते रहिए सुकून की जिंदगी,तेरी-मेरी में क्या रखा है ?अपनी मेहनत की कमाई खाओ,हेरा-फेरी में क्या रखा है। हेरा-फेरी करते-करते,सारी ज़िंदगी गुज़र जाएगीमगर तेरी नेक कमाई,कहीं नजर नहीं आएगी। मर्म से निकले आँसू,तेरे कर्मों की कथा सुनाएंगेसुनने वाले बहुत होंगे,मगर साथ नहीं निभाएंगे। उन्नति तो अच्छी बात है,गरीबों के हित भी सोच … Read more

नारी त्याग महान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** निश्छल मन करुणा हृदय, नारी त्याग महान,सभी युगों, कालों में उसकी शक्ति का गान।बदल रहा है रूप जो उसको है मन भाया-स्वप्न जो देखा उसने उसका करो सभी सम्मान। नारी घर भी देखती, करने जाती काम,सारे दिन वह व्यस्त रहे, करूँगी घर आराम।सास-ससुर का स्वप्न बहू घर-बार सम्हाले-ज़रा चूक हो गई तो … Read more

‘बाल श्रम’ एक अभिशाप

सुनीता रावत अजमेर(राजस्थान) ******************************************* बाल श्रम एक है अभिशाप,सभ्य समाज के लिए एक है चुनौतीबाल श्रम में १८ वर्ष से पूर्व,बच्चों द्वारा किया गया श्रमएक है दंडनीय अपराध,भारतीय संविधान में बाल श्रमरोकने को किय गए हैं प्रावधानभारतीय संविधान ने १४ वर्ष तक की,उम्र तक के बच्चों के लिए किए हैं,निशुल्क शिक्षा के प्रावधान,शिक्षा के साथ ही … Read more

शुभ विजय दिवस

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पुलवामा के वीर शहीदों, बलिदान अमर यश गाता है,बालासोर संहार दहशती, अभिनन्दन शौर्य सुहाता है। एक-एक दहशतगर्दी को, सीमा सैनिक मौत सुलाता है,जय जयकारा भारत माँ चहुँ, ध्वजा तिरंगा लहराता है। कारगिल विजय दिन तुझे नमन, नव शौर्य गीत मदमाता है,ले हाथ तिरंगा गलेशियर, तमांग गवांग मुस्काता है। मैं … Read more

कहो, भला कैसे जिएँ ?

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कहो भला कैसे जिएँ, इस युग के सब लोग।भूमि प्रदूषित कर रहे, ग़लत करें उपभोग॥ग़लत करें उपभोग, कहो फिर कैसे होगा।जल-वायु और अन्न, हमें कब शुद्ध मिलेगा॥सब मिल करो उपाय, तभी हल होगा मसला।नहीं करेंगे काम, जिएं कैसे कहो भला॥

समझदार नित मानते

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जब भी खोलो लब सुनो, तोल-मोल के बोल।वरना तू खामोश रह, लब किंचित मत खोल॥ तोल-मोल के बोल तू, तभी मिलेगा मान।वरना घटना तय रहा, तेरी सारी शान॥ तोल-मोल के बोलना, मानो बड़ा विवेक।जो हमको करता सदा, मानव नेहिल, नेक॥ कितनी हितकर बात है, कितनी है अनमोल।मानो, समझो, जान लो, तोल-मोल … Read more