हमारे प्राण ‘राम’

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)*************************************** राम हमारे भारत वासियों के प्राण हैं,राम हमारी राष्ट्रीय एकता के निशान हैंराम हमारी निजता के प्रमाण हैं,राम हर भारतवासी की आन-बान और शान हैं।राम रिसे है यहाँ की रग-रग में,राम बसे हैं यहाँ के युग-युग मेंराम कसे हैं यहाँ के पग-पग में,राम हमारी संस्कृति का कलश हैं,राम हमारी धरती का … Read more

बेपनाह मुहब्बत-ए-वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पाया जीवन जिस धरती हम बेपनाह मुहब्बत करते हैं,जिसकी मापी सम पले बढ़े, तन मन नित अश्क़ बरसते हैं। अनमोल कशिश नवप्रीत वतन आभास स्वप्न हम करते हैं,स्वाभिमान राष्ट्र रक्षण तिरंग विश्वास हृदय नित सजते हैं। जाग्रत सशक्त सीमा चहुँ दिक, निशिदिन संकट हम जीते हैं,पर निर्भय हम संबल … Read more

मिला ही नहीं

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** उम्र-भर जो मुझे मिला ही नहीं।वो बिछड़ कर जुदा हुआ ही नहीं। वक़्त हर ज़ख़्म की दवा है मगर,ज़ख़्मे-दिल अब तलक भरा ही नहीं। जो लिखा था ख़मोशियों ने मेरी,तुमने उसको कभी पढ़ा ही नहीं। ज़िंदगी की किताब से हमको,ग़म मिटाना था पर मिटा ही नहीं। साँस ले जिसमें … Read more

फिर नववर्ष मनाया जाएगा

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** नया सवेरा, नयी आशाएं, नए संकल्प… क्यों औरों की नकल करें हम!कौन इन सबको समझाएगाजो त्योहार नहीं है हमारा,वह मेरे मन ना भाएगा। नए साल का नया महीना,अपना चैत मास जब आएगाघर-घर में खुशहाली होगी,फिर नव वर्ष मनाया जाएगा। कहीं होगी माँ की पूजा,कहीं राम ध्वज लहराएगाघर-घर पूजा-आरती होगी,उर भक्तिभाव से भर … Read more

आधा तो सत्य है

ऋचा गिरिदिल्ली******************************** पूर्णता की तलाश में,शून्यता को नज़र अंदाज़ करद्वंद्वात्मक प्रश्नों के साथ,बालकनी में खड़ीखुले आकाश की ओर,मौन देखती अर्ध चन्द्रमा। सागर किनारे,रेत पर बैठमौन देखती अर्ध सूर्य,घर के आँगन में बैठमौन देखती,गमले में अधखिला गुलाबसत्य आधा नहीं,पर ‘आधा’ तो सत्य है। कल-कल,छलछल कीमधुर झंकार करती,बहती हुई नदी भीअर्ध हैसमुद्र में जा मिली,और पूर्ण हो … Read more

शाम उदास

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** फिर वही,शाम उदास…क्योंकि,देखता रहा दिनभर,ख़ुशी के मैसेज, स्टेटस,फिर सरका दियाऔरों के पास। कुछ भी तो नहीं रखा,अपने पास…जिसे बना सकूं,जीवन में कुछ खास। इससे तो अच्छा था,जब मोबाइल न था…अपनापन था,अपनों में दोष न थाखुशियाँ थी भरपूर,और सभीमौन हुआ करते थे।निस्तब्ध,चुप्पी भरे संगीत में॥ परिचय- ताराचंद वर्मा का निवास अलवर (राजस्थान) में है। … Read more

वर्ष पुराना गया…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* वर्ष पुराना गया, और नया आ गया,वक्त गुजर कर कभी, मिल न सका जो गया। वर्ष यही आएगा, एक सदी बाद ही,कौन रहे क्या पता, एक सदी बाद भी। लोग समझते नहीं, स्वार्थ नहीं त्यागते,नीर पवन दे हमें, सृष्टि रचे राहतें। साॅंस पवन से चले, प्यास मिटे नीर से,कार्य करें … Read more

आओ कुछ काम करें

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** आओ आज कुछ काम करें,काम से पहले लक्ष्य तमाम करेंतमाम लक्ष्यों को ध्यान रखकर,ध्यान से उस पर हम काम करें। यहाँ रास्ते हैं अनगिनत,अनगिनत है यहाँ लक्ष्यसही लक्ष्य को पहचान कर,रास्ते का अनुसंधान करें। आओ आज कुछ काम करें,काम के लिए कुछ ध्यान करेंध्यान उनका जो काम कर गए,काम करके … Read more

हलचल हो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* हलचल हो दिल आलसी, कामचोर लाचार।भूख प्यास कैसे मिटे, ज्ञानशून्य बेकार॥ अपराधी के हृदय में, हलचल भय कानून।सख्त हुई सरकार है, खोये दुष्ट जूनून॥ बदलेगी अब फिर फ़िजा, पाक मचेगा शोर।हलचल पाकी दहशती, भरत वीर चहुँ ओर॥ फिर सीमा पर हलचलें, पाक चली है चाल।घुसे पुनः जम्मू जमीं, होगा … Read more

ठंडी हवा से सब डरे

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** नववर्ष मन को हर्षाए,हरियाली गेहूँ-चने की मन को भाएखुशियाँ चहुँओर बरसे,बाँट सकूँ आपकी दुआ मन तरसे। नदियाँ कल-कल के गीत सुनाए,कोयल-पपीहा संग राग बनाएसूरज झाँकता बादलों के पीछे,ठंड में धूप की कीमत किसी से क्यों पूछे। स्वेटर-कम्बल बने तब सबके सखा,अलाव-गर्म पानी ने सबका मान रखा।शीतलहर की ठंडी हवा से सब डरे,गर्म … Read more