खुशहाल है नयी सुबह

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ नया सबेरा, नयी आशाएँ, नए संकल्प… सुबह की भोर में चमक रहा है उजाला,सूर्य की किरणों की यह लालिमानई सुबह नये संकल्पों की सूत्रधार है,नये वर्ष की नई सुबह इतनी खुशहाल है। उम्मीदों के साये पर जो बीत गया,वह कल था अब नया दिन नया साल हैजीवन के सार में … Read more

आहें सिहर गईं

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** कल ही तो खुल के बात हुई,आज सारी मुसीबत साथ हुईरात अचानक मौत से बात हुई,साँस रुक गई फिर मुलाकात हुई।अस्पतालों में खूब तहकीकात हुई,कहीं कम ऑक्सीजन की बात हुईतो कहीं इको जाँच अकस्मात् हुई,लेकिन कहाँ दिल-दौरे की बात हुई ? उनकी साँसें बंद, मेरे मन में जंग हुई,लगा ये … Read more

हर पल नया-नया हो

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ नया सबेरा, नयी आशाएँ, नए संकल्प…… नव वर्ष आ गया है, हर पल नया-नया हो,मौसम हो चाहे कोई, अनुकूल हर हवा हो। दीपक की रोशनी को, ऐसा ख़ुमार आये,तुम रात में जलाओ, दिन-सा निखार लाये।ऐसे कि जैसे दीपक दिनमान बन गया हो,मौसम हो चाहे कोई, अनुकूल हर हवा हो…॥ आँधी उठे या तूफा, … Read more

ऐसे थे अटल

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… जन्म दिवस पच्चीस दिसंबर आता,अटल जी का जन्म दिवस मनाया जाताऐसे महान विभूति को इस तरह भीयाद किया जाता। पल-पल श्रद्धा सुमन अर्पित किया जाता,जब-जब उनका इतिहास पढ़ा जाताऐसे थे अटल हमारे जिन पर सबवारे-वारे। आपकी प्रतिभा का बोल-बाला,आपकी वाणी देती खुशहालीऐसे थे अटल हमारे, जिन परसब … Read more

खामोशी से जीते हैं

कमलेश वर्मा ‘कोमल’अलवर (राजस्थान)************************************* जिसे हम बयां नहीं कर पाते,उस खामोशी में जीते हैं। दबाकर मन के जज्बातों को,उस खामोशी में जीते हैं। होती हैं मन में उथल-पुथल,उस पल को भी जिया करते हैं। फिर भी शिकायत नहीं किसी से,हम उस खामोशी में जीते हैं। कोई नहीं है अपना जहां में,सब मतलब के साथी हैं। … Read more

प्यार की पहचान

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* तुम्हें महसूस करके प्यार की पहचान करते हैं,मिलें महबूब तब ही, शबनमी अरमान सजते हैं। सजाके हौसले अपने, मिटा दो फासले दिल के,मगर तकलीफ ये दिल की, यही अन्जान रहते हैं। कहें क्यूं गैर से दिल की, उसे हम क्यों तवज्जो दे,चमक हो नूर-सी दिल की, तभी ईमान सजते हैं। … Read more

उलझन हो तो…

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कभी अगर उलझन मन में हो,युक्ति से सुलझाओमन बेचैन अगर हो अतिशय,उसको शान्त कराओ। कोई नई परीक्षा आए,जीवन रुक-रुक जाएसाहस से तुम करो सामना,निर्मल पथ बन जाए। विचलित मन यदि बहुत अधिक,तो गुरु समीप तुम जाओअंतःकरण में गुरु विराजें,मन की बात बताओ। सच्ची राह बताते गुरुवर,अनुभव निज साझा करतेसही राह दिखला कर … Read more

मस्त हो चले शिव-शम्भो

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)*************************************** रूतवा बसंती में भोले शिव-शम्भो,बनकर मदन घूमे कानन…पहाड़-पहाड़ की लता वनिताएँ, सज्जित हो नाची छनन-छनन। कली-कलियों के गुब्बारे फूटे, सौरभ उमड़ी घूमी-झूमी चित-पावन…बयार चल पड़ी घनी सुगन्धित, गली-चौबारे और कानन-कानन। स्वागत-अभिनन्दन में शिव-शम्भो, के तरु-तरुओं के गजरे हैं…सुगन्धित वनिता तरू अपने,तन पर बौरा-बौराकर बहरे हैं। छा रहे शम्भूनाथ समां में,तरु-तरुओं ने … Read more

सुनो कन्हैया

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** रचनाशिल्प:छंद शास्त्र के अनुसार तंत्री छंद ३२ मात्राओं का सम-मात्रिक छंद है, जिसमें ८, ८, ६, १० मात्रा पर यति का विधान है तथा ८, ८ पर अंत्यानुप्रास होना चाहिए। पदांत में गुरु गुरु (२२) आवश्यक है।सभी छंदों की तरह इसमें भी ४ पद होते हैं। २-२ पद अथवा चारों पद … Read more

प्रियतम ज़िंदगी

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** ज़िंदगी है एक प्रियतम,जो हमेशा ही मुस्कुराती हैगमों के अंधेरे में भी रहकर,हमें तो जीना सिखलाती है। प्रियतम ज़िंदगी से मैंने की वफ़ा,फिर क्यों हमसे बेवफा हो जाती हैमेरे सत्कर्मों की वफ़ा की,कदर क्यों नहीं निभाती है ? सोचता हूँ मुझसे हुई कोई गलती,या ज़िंदगी मेरी यूँ ही रूठ जाती … Read more