अटल रहेगा नाम तुम्हारा

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… सारे जग में नाम रहेगा अटल तुम्हारा,चमक रहे आकाश में बनकर एक सितारा।पत्रकार, वक्ता प्रखर, ओजस्वी कवि थे,किया प्रकाशित सारे जग को, ऐसे रवि थे।वो… जिनका सम्मान विपक्षी दल भी दिल से करते थे,कुछ ऐसे भी थे, जो सत्ता खो जाने से डरते थे। सन् उन्नीस सौ सतहत्तर में … Read more

मौन दूरदर्शी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मनमोहन शीतल सहज, मितभाषी अति धीर।मौन दूरदर्शी सटिक, नयी सोच तस्वीर॥ कुशल प्रशासक वतन का, भारत बने प्रधान।शान्त प्रकृति थे सिंहवत, देश सपूत महान॥ अर्थशास्त्र ज्ञाता प्रखर, नीति न्याय प्रतिमान।मिलनसार व्यक्तित्व थे, मनमोहन सन्तान॥ शान्त सौम्य निर्लिप्त मन, विश्व श्रेष्ठ मतिमान।भारत रिजर्व बैंक का, गवर्नर थे महान॥ राजनीति के … Read more

कभी आफ़ताब था…

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** ऐ आसमान मैं भी कभी आफ़ताब था,रुतबा कुछ इस कदर था कि जैसे नवाब था। माहौल कुछ अजीब था, वो थे गुलों के बीच,फूलों के साथ उनपे भी आया शबाब था। नजरें बचा के मुझसे वो जाने कहाँ गए,चेहरा बुझा हुआ था मगर बेहिजाब था। पहले सी यूँ रमक़ नहीं, … Read more

पुरोधा अटल

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)*************************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… ओ! सावन को जीनेवाले, ओ! सावन पर मरने वालेइतने फिदा रहे सावन पर, कि सावन में ही पावन हो गएओ! मनभावन अटल जी हमारे, आज अदृश सुहावन हो गए। उत्तुंग हिमालय-सा जीवन आपका, शुभ्र धवल चाँदनी-साआकाश की नीलिमा छूता, बहा सरल स्नेहल तटिनी-सामानवता की साक्षात प्रतिमूर्ति, बहे स्नेह … Read more

कमल के कृष्ण मुरारी

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… अटल कमल के कृष्ण मुरारी,देश भक्त समर्पित नेता भारीकवि हृदय थे अटल बिहारी,अटल, अटूट निर्णय थे ब्रम्हचारी।श्यामा प्रसाद के भक्त बिहारी,पक्ष-विपक्ष थे सभी आभारी तोड़ते काँटे अटल,बारी-बारी, स्नेह, श्रद्धा के सतत् पुजारी।नेता विपक्ष रहे, चालीस वर्षीय पारी,लोकतंत्र पर आस्था उनकी थी सारीवक्ता ओजस्वी, नेता भरकम-भारी,काव्य मरघट के … Read more

नील गगन में रहने वाले

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** नील गगन में रहने वाले,लीला तेरी महानसमझ न पाए ज्ञानी-ध्यानी,क्या समझें धनवान। नील गगन में रहने वाले,नित नव दे आकारक्या-क्या चित्र बनाए जग में,अनुपम रचनाकार। नील गगन में रहने वाले,करूँ आपका ध्यानकरूँ सदा सत्कर्म प्रभु जी,सबका कर सम्मान। नील गगन में रहने वाले,दुखियों की प्रभु सुनो पुकार।करो कृपा सब रहें कुशल जन,कभी … Read more

अटल तो अटल ही होते

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… धीर-वीर व्यक्तित्व और गम्भीर वाणी, दिल से कवि होते हैंराजनीति के वे प्रबल हस्ताक्षर, अटल तो अटल ही होते हैं। मधुर मुस्कान भारत की शान, सनातन परिधान में रहते हैंसत्ता-विपक्ष में जहाँ भी बैठे,राष्ट्र हित की बात ही कहते हैं। लोभ नहीं है कुर्सी का जिनको,तेरहवें दिन में … Read more

मुफ्तखोरी समस्या हर दिन

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* मुफ्तखोरी और राष्ट्र का विकास मुफ्तखोरी की समस्या हर दिन बढ़ती जाती है,किंतु नेताओं को तो यह बात समझ नहीं आती है। चुनाव जीतने की खातिर नेता ने चीजें बाँटी है,अर्थव्यवस्था की ही गहरे से जड़ क्यों काटी है।आलस-कामचोरी की अब बीमारी बढ़ती जाती है,मुफ्तखोरी की समस्या हर दिन बढ़ती … Read more

स्मृतियों का सितारा

सुनीता रावत अजमेर(राजस्थान) ******************************************* इक उम्र से हूँ लज्जत-ए-गिर्या से भी महरूम,तुम्हारी अनुपस्थितियों के आकाश में…स्मृतियों का एक सिताराटिमटिमाता है,उस रौशनी की लकीर पकड़मैं चल सकती हूँ…अनवरत तय कर सकती हूँ। दुनिया के दोनों गोलार्द्ध,सातों समंदरपाँचों महाद्वीप।लेकिन तय नहीं कर पाती,तुम्हारे पते तक की दूरी…मेरी चिट्ठियाँ…॥

नयी राह मिली

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ टूट गया स्वप्न,नींद जैसे खुलीअब नया करने की नयी राह मिली,यह नया दौर है नये संकल्पों का तभी तो नयी राह मिली। बीत गया जो बीता साल,आने वाले सब दिन हों खुशहालमंगलमय हो यह नया साल,लिए संकल्पों का साथतभी तो नयी राह मिली। हम सभी की यही सार्थक पहल हो,भूखा … Read more