परोपकार क्यों नहीं करते!

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)***************************************** स्वार्थ आज की दुनिया में सर्वोपरि हो गया है,हर मानव अपने स्वार्थ की पूर्ति में ही लगा हैकाम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर और अहंकार,ये हैं माया के रोग, मन के विकार। मन में ही ये पलते-बढ़ते रहते हैं,मानव के जीवन को दुःखों से भरते हैंमानसिक पीड़ा का यही आधार बनते … Read more

प्रभु माया रहस्य

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************* हट जाए मंच से पर्दा प्रकट होता है कलाकार,मन, बुद्धि हटे माया-पर्दा लेते हैं ईश्वर आकार। संसार सब बंधा प्रभु अदृश्य माया से,असत वास्तविक लगता है प्रभु की माया सेभ्रम जगत में क्षण-क्षण प्रभु की माया ही करती साकार। जीव उलझ इन भ्रमों में फंसता जन्म मृत्यु चक्र,पहुंचाए माया … Read more

समय चक्र 

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* समय बड़ा अनमोल,जाकर वापस न आएसमय चक्र में जीवन के,हर एक रंग है समाए। सुख-दुःख, आशा और निराशा,मिलन-वियोग, कष्ट और आरामसमय चक्र के तार हैं ये सब,जीवन इनमें फंस बढ़ता जाए। जीवन पथ पर चक्र समय का,हर पल बढ़ता जाएज्यों-ज्यों बढ़ता आगे जीवन,यह नए रंग दिखलाए। समय कभी अपना-सा लागे,कभी अजनबी बन जाएकभी … Read more

हमें किया बेघर

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* उठाकर दर्द की चादर, हमारे गाँव वालों ने,हमें घर से किया बेघर, हमारे गाँव वालों नेघरौंदा एक बनाया पर, उसे तुमने इसे उजाड़ा क्यूँ,सपनों के शीश महल को, बनने से पहले गिराया क्यूँ। घर में थे अनेकों लोग, फिर भी सूना लगता था,क्यूँकि दिल से थे, सब दूर ये … Read more

क्या यही प्यार है ?

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* घड़ी की सुइयाँ,हर दिन दो बार मिलती हैंठीक बारह बजे,बाकी समयसिर्फ पीछा करती हैएक-दूसरे काक्या यही प्यार है ? स्निग्ध गुलाब संग तीखे काँटे,रहते हैं साथ साथसुगंध और बहार बिखेरते,कोई तोड़े गर गुलाब कोतो काँटों से लहूलुहान हो,रक्षा करता उस पुष्प काक्या यही प्यार है ? कैसे दिन कटता है,रोज इतने … Read more

दिल की धड़कन सुनने वाला

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)********************************************* धरती के भगवान… सफेद कोट और गले में आला,दिल की धड़कन सुनने वालाचिकित्सा शास्त्र का रखता ज्ञान,कहते इसे ‘धरती का भगवान।’ सब जानते हैं एक सच्ची बात,जीवन-मृत्यु ईश्वर के हाथपर, जब जीवन पर विपदा आई तब डॉक्टर ने ही जान बचाई। उस समय ना कोई याद आता,भगवान और डॉक्टर याद आतामिले दवा-दुआ, बच जाए प्राण,मन को … Read more

बादलों से हवाएँ आयी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************************** मेघों से घिरती हवाएँ चली आयी हैं,संग-संग अपने पावस-फुहार लायी हैंगर्मी भी दूर हुई नाचते हैं मोर कहीं-कोयल की कुहुक राग सबके मन भायी है। बाग-बगीचे सभी पानी में धुल गये हैं,लगता किसी ने हरी चूनर पहनाई है।प्रेम और स्नेह की उमंग फैली रही अब-सजी हुई वसुंधरा मन को अति भायी है॥

धरती के भगवान ‘चिकित्सक’

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** धरती के भगवान… जब शरीर थक जाता है,जब दर्द आँखों तक पहुँच जाता हैजब मन में डर घर बना लेता है,तब एक चिकित्सकउम्मीद की तरह सामने खड़ा दिखाई देता है। उसके हाथों में केवल दवाइयाँ नहीं होतीं,वहाँ अनुभव होता हैसमझ होती है,और एक शांत विश्वास होता हैवह दिन और रात का अंतर … Read more

वह धरती के भगवान ही

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )*********************************** धरती के भगवान…. वह हमें ‘जीने’ की राह दिखाते हैं,हम बीमार हों तो दवाइयां हमें ‘ठीक’ करती हैलेकिन हौसला वह डॉक्टर का सबसे ‘अहम’ होता है,क्योंकि वह ‘धरती’ के भगवान ही होते हैं। जीवन-मृत्यु की डोर ‘ईश्वर’ के हाथ में होती है,उसी मालिक के प्रतिनिधि के रूप मेंआज ‘सफेद कोट’ … Read more

प्रखर राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** राष्ट्रवाद के प्रखर शिल्पी, हिंदुत्व की सनातन लिपिविश्वविद्यालय के कुलपति, जनसंघ पार्टी के सेनापति। माँ जोगमाया देवी, पिता आशुतोष, श्यामा को मुस्लिम लीग से असंतोषविरोध में हिंदू महासभा का जयघोष, बंगाल वित्तमंत्री बन सरकार से रोष। डॉ. मुखर्जी का त्याग, तपस्या एवं समर्पण, एक राष्ट्र, निशान, विधान को जीवन अर्पणमहिला शिक्षा, संस्कृति, हिंदुत्व चिंतन … Read more