छुपा गए बात जो छुपानी थी

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** लोहे की जंजीरों के बंधन भी,जिन वीरों को न बांध सकेवे दुर्ग भी लांघे सुरमाओं ने, जिनको कोई भी न लांघ सके। फिर पूछती है नई पीढ़ी कि,पुरखों ने आखिर क्या किया ?ये ऐड़े क्या जानें कि शहीदों ने,जान गंवा करके क्या दिया ? मिला हो जो बिन मेहनत के,उसका मोल … Read more

जगत से जाना होगा भाई

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** आयु बीतती समय संग, अब जितनी रह गई हाथमन धरती प्रभु नाम बीज बो, प्रभु भजन जल साथ। जगत से जाना होगा भाई, समय घड़ी हर साॅंस गिन रही,आएगा काल कसाई, आएगा काल कसाई। साॅंस की दौलत लुटा के तूने,सब संपत्ति बनाई (रे‌ तूने)सब संपत्ति बनाई…किसे पता कब कौन … Read more

खुद के लिए जीना सीख लिया

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* बरसों से दूसरों के लिएजीने की कोशिश जारी है,घर के बड़ों के आरामऔर जरूरतों के लिए,हमेशा अपने को झोंक दिया। छोटों को पाल-पोस करबड़ा करने में खून-पसीना एक किया,कभी अकेले, कभी दोनों ने मिलकरउनको खुद के पैरों पर खड़ा करने,अपनी इच्छाओं का त्याग किया। नौकरी में अपने को स्थापित करजी-तोड़ मेहनत … Read more

ख़ुशी की फुलझड़ियाँ

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** ‘दीपावली’,जगमग ज्योतिचहुँओर उजाला,श्रीराम पधारेउत्सव। ‘दीपावली’,छाया उल्लासपरिवार में ख़ुशी,सब मिलेंरामराज। ‘दीपावली’,अँधेरा भागालड़ियाँ दीपों की,रंगोली द्वारेमुस्कान। ‘दीपावली’,पूजन करेंलक्ष्मी-गणेश-सरस्वती,बरसे आशीषजीवन। ‘दीपावली’,सब हर्षितख़ुशी की फुलझड़ियाँ।मन मयूर,मनोरम॥

गुंजित भाई दोज

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* गुंजित भाई दोज है, टीके का शुभ मान।बहुत सुपावन नेह है, मंगलमयी विरान॥ बहन टीकती माथ पर, खुशियों का संसार।बेहद शुभ है आरती, फैला है उजियार॥ दीवाली की दोज यह, यम द्वितीया का पर्व।बहनें-भाई हर्षमय, रिश्ता करता गर्व॥ नेग और दस्तूर हैं, संस्कारों का सार।बिना कपट, बिन स्वार्थ के, महक रहे … Read more

हर भाई की एक बहना हो

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** बहनें-भाई आज व्यस्त हैं,काम बहुत-सा करना हैलगवाने को तिलक दूज पर,बहना के घर चलना है। मैंने सोचा बहुत से भाई,ऐसे भी हैं इस जग मेंनहीं कोई है उनका अपना,चुभन बड़ी उनके मन में। एक बार की बात याद,आती है मुझको बचपन कीतिलक लगाने गए थे हम सब,अपने एक भाई के घर। उसकी … Read more

बेतरतीब… अच्छी नहीं लगती

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** बेतरतीब कोई भी चीज हो,कभी अच्छी नहीं लगतीखूबसूरत जिंदगी बेतरतीब,ख्यालों से नहीं चलती। ये इंद्रधनुष, ये रंगीनी, ये खुशी,बिना रंगों के सच्ची नहीं लगतीघर की रौनक बडे़-बुजुर्गों के,बिना अच्छी नहीं लगती। बच्चे खुश न हों तब तकहर खुशी बोझिल लगती।बेतरतीब दुनिया की तस्वीर,कभी अच्छी नहीं लगती॥

मंगल कलश सजाओ

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** मंगल कलश सजाओ,मोतिया चौक पुराओआए-आए अवध श्री राम,कि सब मिल मंगल गाओ। आम्र-पत्र मँगाओ,वंदनवार बनाओआए-आए अवध श्री राम,कि सब मिल रंगोली बनाओ। चुन-चुन कलियाँ मँगाओ,सुंदर आसन सजाओआए-आए अवध श्री राम,कि सब मिल तिलक लगाओ। रुचि-रुचि व्यंजन बनाओ,प्रभु को भोग लगाओ।आए-आए अवध श्री राम,कि सब मिल उत्सव मनाओ॥

सफल बनाओ काज

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** श्री शिवाय नमस्तुभ्यम… महादेव नागेश तुम, हे भोले भगवान।कलयुग में शिवयुग रहे, मेरी विनती मान॥ मेरी विनती मानकर, नजर करो इक बार।हे भोले तुझको नमन, काटो सकल विकार॥ काटो सकल विकार अब, हे भोले शिवराज।सुमिरन वंदन आपका, सफल बनाओ काज॥ सफल बनाओ काज सब, मेरे भोलेनाथ।तेरे चरणों में सदा, झुके … Read more

सजी हुई शुभ रात

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)… आई शुभ दीपावली, सजी हुई शुभ रात।आपस में सब करने लगे त्योहारों की बात॥ द्वार पर घर आँगने में, सज रही है अल्पना,भू पर निर्मित हो रही, एक सुंदर कल्पना।श्रृद्धा से हम कर रहे हैं, तेरा पूजन मात,आई शुभ दीपावली, सजी हुई शुभ रात…॥ पाँच … Read more