दीप अभिवंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)… लघु दीपक है दिव्य आज तो, उससे अब तम हारा है।जगमग जीवन ज्योति सुहाती, अभिवंदित उजियारा है॥ माटी की नन्हीं काया ने, गीत सुपावन गाया है।उसका लड़ना तूफानों से, सबके मन को भाया है॥कुम्हारों के कुशल सृजन पर, आज जगत सब वारा है,जगमग जीवन ज्योति सुहाती, … Read more

एक दीपक राष्ट्र के नाम

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मिट्टी की यहाँ खुशबू अपनी सौंधी महक की प्रतीक है,दीपों का प्रज्वलित होनाउंमगता का रस वंदन हैआओ फिर से वही देसीरंग में त्योहार को मनाएँ,एक दीपक आपने राष्ट्र के नाम पर जलाएँ। देश हमारा अपना सर्व-शान्ति का पर्यवेक्षक है,वह खुशहाल रहेगा तो हम खुशियाँ मनाएँगेअपनों से स्नेह के बंधन में … Read more

हर मन जोड़ें

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** आइए,हाथ मिलाएँचहुँ दीप जलाएँ,मिटे अँधियाराभारत। आइए,ईर्ष्या छोड़ेंहर मन जोड़ें,दीप समरसताचमन। आइए,स्वार्थ त्यागेंमन विश्वास जागें,कर्म करेंपुण्य। आइए,बनें संवेदनशीलनफ़रत भूल जाएँ,प्रेम बरसाएँवतन। आइए,इस दीपावलीकर्तव्य पथ चलें।शपथ लें,राष्ट्र॥

चमकता सूरज, उपयोग हित करें

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** सूर्य चमकता है मुझमें,ज्योति से ही तो जीवित हूँहै अस्तित्व मेरा आपसे ही,मैं आपसे ही तो पोषित हूँ। प्राणी बनाया श्रेष्ठ मुझको,राज्य पृथ्वी पर करूँअपनी ज्योति बुद्धि से,,मैं नित नई रचना रचूँ। पर जो मैं का बोध कर,हम कर रहे दुष्कर्म हैंहोती तनिक नहीं ग्लानि,इससे कर रहे जो कर्म हैं। शक्ति का … Read more

शक्तिरूप है ज्योति

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************************* जगमग ज्योति जले (दीपावली विशेष)…. यह दीप की ज्योति जैसे,देती ऊर्जा शक्ति और ज्ञानप्रेम, दया को जिसने माना,जगमग हुआ उसका संसार। एक मन की आस है ज्योति,एक मंदिर की शान है ज्योतिएक तम का नाश है ज्योति,एक खुशी व शक्तिरूप है ज्योति। जगमग-जगमग ज्योति जैसे;अंधकार को करती दूरअपनी ज्वाला की … Read more

प्यार की पहली नज़र

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** उस नज़र के सदके जाऊं,जब तुमसे प्यार हुआउस नज़र पर कुर्बान जाऊं,जब तुम्हारा दीदार हुआ। जब देखा तुम्हें पहली बार,हम सुध-बुध खो बैठेपहिली नज़र में ही,अपना दिल हार बैठे। तुम्हारे कातिल नयनों ने,किया था मुझे घायलदेख के तुम्हारा सौंदर्य,मैं हो गया था पागल। तुम्हारे नयन नक्शे पर,मैं फिदा हो … Read more

दीप जलाएँ ऐसे, कहीं बचे न अँधियारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* दीप जलाएँ हम सब ऐसे कहीं अँधियारा नहीं बचेगा,ईर्ष्या, द्वेष, अनल अन्तर्मन समरस दीप जलाना होगा। लालच बेबस दहशत दुश्मन सबको साथ मिटाना होगा,भारत माँ के आँगन निर्मल दीवा एक जलाना होगा। मगन कार्य पथ अविचल जीवन चमन सजाना होगा,चीख वेदना अन्तर्मन में संवेद ज्योति जलाना होगा। दीप ज्योति … Read more

मन- मंदिर में दीप जलाओ

दिनेश चन्द्र प्रसाद ‘दीनेश’कलकत्ता (पश्चिम बंगाल)******************************************* जगमग जीवन ज्योति (दीपावली विशेष)… मन मंदिर में दीप जलाओ,फैलेगा चारों ओर उजालाजीवन बनेगा तेरा स्वर्णिम,मन में रहे नहीं कोई काला। स्वच्छ मन के निर्मल दीप में,प्रेम की सुंदर बाती लगाओआत्मियता के तेल से भरकर,जीवन ज्योति आज जगाओ। दूर होगा सभी कलुष तमहर,अपनेपन की प्रेम ज्योति सेस्वर्णिम होगा तब … Read more

सब कुछ जग में प्रभु से

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* प्रभु से धरती, प्रभु से अम्बर, हर जीवन भी प्रभु से।फिर जीवन को सुख-दुख के, ॥ मानव के कर्मों से ही, फल सुख-दुख के मिलते हैं,जीवन के कर्मों में फिर भी, क्यों अवगुण रहते हैं।मिट सकते हैं दु:ख लेकिन, शुभ गुण सजते जब हमसे।सब कुछ जग में प्रभु से,प्रभु से … Read more

ये चाँद-सितारे

रश्मि लहरलखनऊ (उत्तर प्रदेश)************************************************** ये बादल के चाँद-सितारे,नानी के किस्सों से हारे। धूप कड़ी है मत झुलसो तुम,वृद्ध वृक्ष की छाँव पुकारे। जारी सफ़र सदा ही रखना,चींखें ना ये घाव तुम्हारे। जबसे तुमने मुड़ना छोड़ा,राह निहारें गाँव बेचारे। आलिंगन बस करके जाना,जननी तुम पर जीवन वारे। पलक झुकाकर ही रोना,आँसू ना दुनिया से हारे। प्यार … Read more