पृथ्वी-सुता माँ जानकी
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ पृथ्वी के गर्भ से आईं माँ जानकी,जनक जी की दुलारी थीं माँ जानकी।कितनी प्यारी, जनक-दुलारी माँ जानकी! एक दिन राम मिले, फूल तोड़ते उपवन में,नैन से नैना यूँ लड़े, जैसे फूलों के बाग मेंसभा जब लगी, राम निहारें सिया को, सिया निहारें राम को,सभा में सब निहारें सिया-जानकी के रूप कोएक धनुष … Read more