सजल

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नहीं झुकेगा देश हमारा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** नहीं झुकेगा देश हमारा,है बलशाली आज।शान से बढ़े देश हमारा,है खुशहाली आज। देशभक्ति बहे है लहू में,साँस ही देशभक्ति,मर मिटने को इसके वास्ते,इसके माली आज। पूर्ण […]

स्वर्ग यही है देश हमारा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. हे माँ भारती बड़ा अद्भुत,तेरा यह श्रृंगार।शीश हिमालय व सागर चरण,नदियाँ जंगल थार। स्वर्ग यही है देश हमारा,जग में यह है श्रेष्ठ,राम कृष्ण […]

सबक सिखाना होगा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** रचना शिल्प:सरसी/कबीर छंद पर आधारित/ प्रथम चरण चौपाई और दूसरा चरण दोहा, १६+११=२७ मात्र भार नारी का अपमान करे जो,करे उन्हें बदनाम,मनुज नहीं राक्षस सम है […]

नदी

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** रचनाशिल्प:समांत-अल,पदांत-है मात्रा भार-१८… उछलती जल राशि हर पल है,बहुत इसके वेग में बल है। हटाती हैं राह के प्रस्तर,नदी की हर लहर चंचल है। बहे यह […]

इक निगाह माँगते हैं

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** रहें कैसे जिंदा हम सलाह माँगते हैं।मौत से कह दो एक गुनाह माँगते हैं। तेरा झूम के खिल-खिल अदा से हँसना,गुले-गुलशन इक निगाह माँगते हैं। बिखरते मोती रुखसार […]

देश बचाने कौन आयेगा

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** हमारे देश को फिर से बचाने कौन आयेगा,लहू दुश्मन का धरती पर बहाने कौन आयेगा। बहुत कुर्बानियां देकर के पायी थी ये आज़ादी,हमें फिर से वो […]

क्या तुम…?

डॉ. रामबली मिश्र ‘हरिहरपुरी’वाराणसी(उत्तरप्रदेश)****************************************** क्या तुम सच में प्यार करोगे ?या मारोगे और मरोगे ?? सच बतलाओ झूठ न बोलो,क्या मुझको स्वीकार करोगे ?? सोच-समझकर बतलाओ प्रिय,क्या मुझ पर एतबार […]

क्या तुम…?

डॉ. रामबली मिश्र ‘हरिहरपुरी’वाराणसी(उत्तरप्रदेश)****************************************** क्या तुम सच में प्यार करोगे ?या मारोगे और मरोगे ?? सच बतलाओ झूठ न बोलो,क्या मुझको स्वीकार करोगे ?? सोच-समझकर बतलाओ प्रिय,क्या मुझ पर एतबार […]

प्रेम मिलन

डॉ. रामबली मिश्र ‘हरिहरपुरी’वाराणसी(उत्तरप्रदेश)****************************************** प्रेम मिलन का सुंदर अवसर।मंद बुद्धि खो देती अक्सरll प्रेम पताका जो ले चलता।पाता वही प्रेम का अवसरll उत्तम बुद्धि प्रेम के लायक।बुद्धिहीन को नहीं मयस्सरll […]

हिंदी हिंदुस्तान

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************************** हिंदी दिवस विशेष….. (रचनाशिल्प: मात्रा भार (१६/१३) हैं हम वासी,हिंदी मेरी जान है।मैंने तन-मन वार दिया है,मेरी जां कुर्बान हैll नमः मातरम् नमः मातरम्,धरती का […]