देश जूझता आज तुम्हारा

अख्तर अली शाह `अनन्त`नीमच (मध्यप्रदेश) ************************************************** गांधी जयंती विशेष….. दु:ख देते हैं जानबूझ कर,दुखियारों को बापू।महिमामंडित करते हैं हम,हत्यारों को बापूll देश जूझता आज तुम्हारा,मजधारों में पल-पल,बढ़ते हैं विपरीत दिशा में,छलिया करते हैं छलlबेच रहे हैं धनवानों को,निर्धन के हक सारे,श्रमजीवी मजबूर हो गए,फिरते मारे-मारेllगिरवी रखने को आतुर घर,दीवारों को बापू,महिमामंडित करते हैं हम,हत्यारों को … Read more

भारत वन्दना

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)********************************************** जय जय जननी भारत धरणी,मेरा वन्दन स्वीकार करोभव सर तरणी सब दु:ख हरणी,जग जीवन का उद्धार करो। अम्बे तुम भाग्य विधात्री हो,जन-भाषा का उद्धार करो। माँ हाथ उठा मुस्कान दिखा,अपने शिशुओं को प्यार करो। हे माँ वर देने हेतु हमें,निज देवी रूप साकार करोll परिचय-विजयलक्ष्मी खरे की जन्म तारीख २५ अगस्त १९४६ है।आपका … Read more

बंजारा

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ************************************************** (रचना शिल्प:ध्रुवपंक्ति-नहीं ठहरता एक जगह पर,सचमुच मन बंजारा है।) चलते-चलते थक मत जाना,लक्ष्य ने आज पुकारा है।नहीं ठहरता एक जगह पर,सचमुच मन बंजारा हैll मंजिल तभी मिलेगी इक दिन,सतत राह पर चलना है।चाहे लंबी राह हो कितनी,फिर भी चलते जाना है।रुकने का तुम नाम न लेना,चरैवेति का नारा है।नहीं ठहरता एक … Read more

राष्ट्रभाषा बने एक दिन

अख्तर अली शाह `अनन्त`नीमच (मध्यप्रदेश) ************************************************** सारी जनता भारत की जब,इसको गले लगाएगी।विश्वगगन में हिंदी ऊँचा,तब परचम लहराएगी॥ हिंदी के पहरेदारों से,मेरी सतत यही आशा।राष्ट्रभाषा बने एक दिन,हिंदी ये है अभिलाषा॥हिंदी में साहित्य सृजन ही,नई भोर को लाएगी।विश्व गगन में हिंदी ऊँचा,तब परचम लहराएगी…॥ हिंदी को माँ समझने वालों,हिंदी में व्यवहार करो।लिखना-पढ़ना हिंदी में हो,मत … Read more

अरमानों के छंद

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************** हिंदी दिवस विशेष….. अनुबंधों की अलस दोपहर अरमानों के छंद लिखूँ,बागों के भंवरे गुंजन करते फूलों के बंद लिखूँ। निर्झर-सा झरझर मन बहता थामे बंधन उज्जवल-सा,झरना भी तो बहता निर्झर, दरिया बहता कलकल-सा।मौसम संग बतियाती जाऊँ,फूलों पर मकरंद लिखूं,अनुबंधों की…॥ तृषित नदियां सूख रही हैं,आ जाओ घन काले वाले,विरह व्यथा किससे कह … Read more

सृजन भाव आधार बनाएँ

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ****************************************************** सृजन भाव आधार बनाएँ,             भावों का हम गुनगान करें। काव्य कुंज में कवि मन कुहके,              सम्मोहित हो रसपान करेंll सृजन सदा नव आलोकित हो,                नेकी का सुंदर भाव पलेl ज्ञान आदर्श हृदय समाये,           कर्म बनाकर जन साथ चलेll दीन-हीन का उद्धार करें,            मनुज धर्म का आह्वान … Read more

नव भारत

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ***************************************************************** आओ मिलकर सृजन करें हम,नव भारत निर्माण करें हमlजो सोए हैं आँखें खोलें,उन आँखों में स्वप्न भरें हमllनव भारत… राहों में बाधाएं होंगी,वो बाधाएं दूर करें हमlशूल बिछाते जो राहों में,उन सबका प्रतिकार करें हमllनव भारत… रहे अग्रणी भारत अपना,सबने देखा एक ही सपनाlशिक्षित स्वच्छ बनायें भारत,सपना यह साकार करें हमllनव … Read more

नया जमाना

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)**************************************************** नया है जमाना न समझो पुराना।यहाँ सब सुनाते हैं अपना तराना। भुला दी है सबने वो’ संस्कृति पुरानी,कहाँ अब कोई सुनता किस्से कहानी।हुए मस्त अपने में’ सब आज ऐसे,नहीं कोई उनका जगत में हो जैसे॥दिखे अब नहीं प्यार दिल में पुराना,नया है जमाना न समझो…॥ हुए आधुनिकता में ऐसे दिवाने,लगे माँ-पिता … Read more

शिक्षक

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’ इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ********************************************************* जलाया ज्ञान का दीपक अंधेरे को मिटाडाला,पड़ी कच्ची जो मिट्टी थी उसे मूरत बनाडाला।जो हरदम सोचता रहता कि कैसे राष्ट्रउन्नत हो,उसी शिक्षक ने हर सेमिनार को वेबिनारमें ढाला। करे सेवा जो मेहनत से हमेशा ज्ञानदेता है,जो बालक की समस्या हल करे सम्मानदेता है।प्रणाली नित नयी अपना रहा जैसीज़रूरत हो,लिखित … Read more

शिक्षक-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ***************************************************** शिक्षक दिवस विशेष……….. वंदन है,नित अभिनंदन है,हे शिक्षक जी तेरा।फूल बिछाये पथ में मेरे,सौंपा नया सबेरा॥ भटक रहा था भ्रम के पथ पर,राह दिखाई मुझको…गहन तिमिर को परे हटाया,नमन् करूं मैं तुझको। आशाओं के सावन में है अरमानों का डेरा।शीश झुकाऊं हे परमेश्वर,भाग्य मिरा यूँ फेरा॥ मायूसी से मुझे निकाला,कर … Read more