सच्ची दीवाली
आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************** जिस दिन अंत:तमस मिटेगा,समझो सच्ची दीवाली।मानवता का भाव जगेगा,हृदय नही होगा खाली॥ दीन-दुखी की सेवा करते,समझो मन उनका सच्चा।लोभ मोह में फँसा रहे जो,उसका मन जानो कच्चा।प्रति पल मानुष हँसकर बैठे,प्रेम भाव की हो डाली।जिस दिन अंतः तमस मिटेगा,समझो सच्ची दीवाली…॥ फुलझड़ियाँ-सा रौशन कर दें,समता जग में फैलाये।मीठे पकवानों-सा रसमय,मधुर गीत … Read more