बारिश की हम धूम मचाएं सावन में

आशा जाकड़ ‘ मंजरी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)*********************************************************** रिमझिम मेघा बरसे अपने आँगन में,बारिश की हम धूम मचाएं सावन में। पेड़ों पर हम झूला डालें,सखियों संग-संग झूलेंगे।ऊँचे-ऊँचे पग बढ़ाकर,गीतों के अब स्वर गूँजेंगे।खुशियों की मृदंग बजाएं उपवन में,बारिश की हम धूम मचाएं सावन में…॥ बारिश आई सावन आया,त्योहारों की सौगात लाया।मेंहदी सजी,कंगना सजे,मैके की याद भर लाया।बाबुल की अब … Read more

रामलला का संदेश

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** अवधपुरी में रामलला के,मंदिर का निर्माण।अंतर मन से श्रेष्ठ बनें तब,होगा जग कल्याण॥ हृदय बसाएँ प्रेम भाव को,कहते हैं श्रीराम,मानवता की राह चले सब,कर लें जग में नाम।द्वेष-कपट का भाव त्याग दो,कहते वेद पुराण,अंतर मन से श्रेष्ठ बनें तब,होगा जग कल्याण…॥ दीन-दुखी की सेवा करना,बने सभी का ध्येय,धर्म निभाकर इस जगती … Read more

हो राम राज्य जग में

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)********************************************************* हे राम तुम्हारा प्रिय मंदिर,हो अखिल विश्व के जन-मन मेंमानस में चरित तुम्हारा हो,तुम बसे रहो जन-जीवन में। हों अश्रु किसी की आँखों में,तो बहे दूसरों के दु:ख में।दो हँसी अगर तुम ओंठों को,हम हँसें दूसरों के सुख में। हम देख सकें जग के सुख-दु:ख,अपने छोटे से दर्पण में॥ सबके मानस में मिलें … Read more

तेरे रूठने से

अख्तर अली शाह `अनन्त`नीमच (मध्यप्रदेश) **************************************************************** सुकेशी,तेरे रुठने से,चंचलता मेरी रूठ गई।खुशियों का कोई रिश्ता है,तेरे-मेरे इस बंधन में॥ देवी क्या तुझको पता नहीं,जब मेरा मन इठलाता है।मन तेरा भी तो साथ-साथ,बच्चा छोटा बन जाता है।सिर पर आकाश उठाते वे,जब स्वर्ग धरा पर ले आते।उन बच्चों की वो उछल-कूद,कैसी लगती है आँगन में॥खुशियों का कोई … Read more

कैद जिंदगी

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)********************************************************* हाय तपस बढ़ती जाती है,भाग रहा मन हमें छोड़कर बंद कक्ष में कैद जिंदगी, जाये,बंधन कहां तोड़कर।`कोरोना` यमदूत चतुर्दिक, खड़ा भुजाएं निज फैलायेएक-एक को निगल रहा है, मानव विकल कहां छिप जायेl जर्जर तन के भीतर कैसे, रक्खे साँसें जवां जोड़कर। यह विशाल दुनिया है कैसी, है विषाणुओं से भी छोटी इसमें हर … Read more

सकारात्मक सोच के माने

अख्तर अली शाह `अनन्त`नीमच (मध्यप्रदेश) **************************************************************** सकारात्मक सोच के माने,अच्छाई हर बात में जानें।परम पिता के किये ईशारे,की गहराई को पहचानेंll सकारात्मक सोच जहन में,अगर बो दिया जाता लोगों।शजर वही जब बन जाता है,मीठे फल खिलवाता लोगोंllएक दूसरे पहलू को भी,देखें हम तो बनें सयानें।परम पिता के किये इशारे,की गहराई को पहचानें…. जैसा सोच आचरण … Read more

पानी बरसा दे या रब

अख्तर अली शाह `अनन्त`नीमच (मध्यप्रदेश) **************************************************************** पानी बरसा दे या रब तो तर जाएंगे।वरना,बेमौत सारे ही मर जाएंगे॥ पालने वाले हमसे क्यों नाराज है,तेरी रेहमत पे सबको बड़ा नाज है।तू ही जाने जो इसमें छिपा राज है,हम गरीबों की सुन ले ये आवाज है।झोलियां भर दे,खुश हो के घर जाएंगे,वरना,बेमौत सारे ही मर जाएंगे…॥ तेरे … Read more

क्या तेरा क्या मेरा है

राजेश पड़िहारप्रतापगढ़(राजस्थान)*********************************************************** जो पाप किये सर मेरे धरता,धर्म कर्म सब तेरा है।ये जीवन है दो दिन का,क्या तेरा क्या मेरा है। मैंने जब ये जीवन पाया,जोड़ जगत ने काट दिया,बाल रूप में ईश मानकर,हाथों विष क्यों छांट दिया।पल-पल जग में ढली शाम तो,होता गया सवेरा है,ये जीवन है…ll केवल रूदन हँसी थी मन में,कोई न … Read more

बारिशों में गीत भीगे

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपालीभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************************************** (रचना शिल्प:मात्रा भार-यति-१४-१४, वज़्न-२१२२-२१२२-२१२२-२१२२,अर्कान -फाइलातुन×४) बारिशों में गीत भीगे,बादलों ने कह सुनाया,पावसी घनघोर मौसम,गीत सबने गुनगुनाया। बैठ पादप कूक मारे,वो पपीहा है मगन मन,आज हर्षित है भुवन पर,आज रमणी का विकल मन।शोर में था मोर नाचा,मोरनी ने सुर लगाया,पावसी घनघोर मौसम,गीत सबने गुनगुनाया॥ आज चकवा और चकवी,गान विरहा गा रहे वो,चाँद बिन … Read more

भारत के सच्चे सेनानी

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** भारत के सच्चे सेनानी,सबका मान बढ़ाते हैं,रण पर कुर्बानी से अपने,झण्डा वो फहराते हैं। हैं शहीद कितने भारत में,कितना रक्त बहाया है,हिंदुस्तान की शान-बान में,मर कर फर्ज निभाया है,साहस रखकर फर्ज निभाते,दुश्मन मार गिराते हैं,रण पर कुर्बानी से अपने,झण्डा वो फहराते हैं। घर पर बैठी घरवाली जो,अपना फर्ज निभाती है,बच्चे उनके … Read more