जीवन में आध्यात्म का महत्व

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’ बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़)******************************************************************** “ॐ संगच्छध्वं संवदध्वंसं वो मनांसि जानतादेवा भागं यथा पूर्वेसञ्जानाना उपासते॥”आध्यात्म का शाब्दिक अर्थ है-अंतर्मन हो जाना। अर्थात,अपनी आत्मा की आवाज है।जीवन में आध्यात्म का बड़ा ही महत्व है।आध्यात्म एवं योग दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। योग साधनाओं में यम,नियम,आसन,प्राणायाम,प्रत्याहार,धारणा,ध्यान,समाधि,बंध एवं मुद्रा सत्कर्म युक्त आहार मंत्र जप युक्त कर्म आदि साधनाओं से … Read more

व्यवस्थाओं से डर लगता है अब तो!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान में हमारे देश में कुछ ऐसी ही व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। वैसे काम करने वालों की ही आलोचना होती है। जो जितना पढ़ा-लिखा हो,उसे उतनी अधिक भ्रांतियां होती है। शायद हमारे प्रधान सेवक कोई भ्रम वाले नहीं हैं,दूसरा जबरदस्त नेता होने से उनके सामने किसी की बोलने की हिम्मत … Read more

कोरा दिखावा नहीं,संकल्प की जरुरत

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ ३१ मई विशेष….. विश्व जहां ‘कोरोना’ महामारी से जूझ रहा है,वहीं ऐसी ही गम्भीरतम महामारी है तम्बाकू और उससे जुड़े नशीले पदार्थों का उत्पादन, तस्करी और सेवन में निरन्तर वृद्धि होना। वैश्विक स्तर पर तंबाकू उपभोग कम करने वाली प्रभावी नीतियों के लिए वकालत करने और तंबाकू उपभोग … Read more

कोरोना:कर्म एवं कर्तव्य

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) *********************************************************************** ‘कोरोना’ एक विषाणु है जो एक मानव से दूसरे मानव में फैलता है। आज तक की महामारियों के इतिहास में जितने भी विषाणु जिम्मेवार हैं,उनमें यह सबसे भयावह एवं खतरनाक है। वर्तमान समय में इसका संक्रमण लगभग सभी देशों में हो चुका है। अर्थात कहा जा सकता है कि यह … Read more

प्रवासी मजदूरों की दुविधा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** उत्तरप्रदेश सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए कुछ ऐसी घोषणाएं की हैं,जो अगर लागू हो गईं तो अपने गाँव वापस लौटे मजदूरों का काफी भला हो जाएगा लेकिन उसका दूसरा पहलू यह भी है कि वे अगर शहरों की तरफ वापस नहीं लौटे तो भारत के उद्योग-धंधे ठप्प हो सकते हैं। माना … Read more

तालाबन्दी में ढीली कमान

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** लगता है देश में तालाबन्दी ४.० खत्म होते-होते सरकार के हाथ से कमान छूटने लगी है। मुल्क को कोरोना से बचाने के लिए तालाबन्दी सख्‍ती से लागू तो कर दी गई,लेकिन उससे बाहर निकलने का कारगर रास्ता किसी को सूझ नहीं रहा है। देश के कर्णधारों की हालत महाभारत के अभिमन्यु-सी होती … Read more

पिंजरा

कविता जयेश पनोतठाणे(महाराष्ट्र)********************************************************** ये पिंजरा और पक्षी दोनों ही इंसान की जिंदगी से जुड़े हैं,कुछ ऐसा ही रिश्ता है इंसान का अपनी रिश्तों की डोर सेl तुम जितना रिश्तों को चार दीवारी में बंद करना चाहोगे,जितना उसे प्यार और विश्वास के नाम पर बांधकर रखना चाहोगे,तुम चाहोगे कि,वो हर पल पास हो,सामने हो नजरों के … Read more

`तालाबंदी`:याद आया मेरा गाँव,मेरा देश

हेमेन्द्र क्षीरसागरबालाघाट(मध्यप्रदेश)*************************************************************** दरअसल,बड़ी सहज-सी बात है,सकारात्मक और नकारात्मक दो पहलू जीवन के अहम हिस्से हैं। `सकारात्मकता` से बड़े से बड़े दु:ख हर लिए जाते हैं,वहीं `नकारात्मकता` से छोटे-से-छोटे सुख भी बैर बन जाते हैं। यह सब अपनी-अपनी सोच पर निर्भर करता है कि,हम किसका,कैसा सामना करते हैं। लाजमी है सभी चाहते हैं उनके साथ हरदम … Read more

प्रताप का शौर्य ‘एक रहस्य’

अंशु प्रजापति पौड़ी गढ़वाल(उत्तराखण्ड) **************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. विद्यार्थी जीवन से ही मेरे लिए कुछ विषय बड़े ख़ास थे। गणित और भाषा मेरे प्रिय विषय रहे,परन्तु जब-जब गणित के कठिन दांव-पेंचों में फँस कर थक जाती थी अथवा संस्कृत के दुरूह श्लोक कंठस्थ करने में हार जाती थी,तो स्वयं को फ़िर से … Read more

महाराणा प्रताप सच्चे श्रावक

श्रीमती अर्चना जैन दिल्ली(भारत) *************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. महाराणा प्रताप मेवाड़ के महान हिंदू शासक थे। सोलहवीं शताब्दी के राजपूत शासकों में महाराणा प्रताप ऐसे शासक थे,जो अकबर को लगातार मात देते रहे । महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में ९ मई १५४० ईसवीं को हुआ था। महाराणा प्रताप की … Read more