क्या भारत के ५४५ प्रधानमंत्री ?

डॉ. देविदास प्रभु ************************************************* (विशेष-वे तमाम हिंदी क्षेत्र के लोग,जो अपने स्वार्थों के लिए संविधान की अष्टम अनुसूची के माध्यम से हिंदी को बोलियों में टुकड़े-टुकड़े करने पर आमादा हैं,वे तमाम लोग जो अज्ञानवश,क्षेत्रीयतावादी सोच मतबैंक की राजनीति या अन्य किसी कारण से भारत के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रभाषा या राजभाषा के विरुद्ध किसी … Read more

दिल्ली दंगा:हर वर्ग को आगे आना होगा मुकाबले के लिए

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** फाल्गुन मास है,अमराइयां फूट रही हैं तो नन्हीं कोपलें सिर उठाती हुईं कुदरत के शीत निद्रा से जागने का संदेश दे रही हैं। महीना है रंग,उमंग व चंग-मृदंग का परन्तु इन दिनों दिल्ली में जो हुआ,उससे फाग खून में रंगा दिखने लगा। चार दर्जन के आसपास लोग मौत के घाट उतार … Read more

इंसानी भक्षक `कोरोना` बना कुत्ते-बिल्लियों का ‘रक्षक’!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** आज जब हमारा देश हिंदू-मुस्लिम वायरस से बाहर नहीं निकल पा रहा,पूरी दुनिया `कोरोना` वायरस के बढ़ते प्रकोप से घबराई हुई है,भारत सहित विश्व के शेयर बाजार धड़ाम से गिर रहे हैं,कच्चे तेल के दाम नीचे जा रहे हैं,चौतरफा आशंका और अपने-आपको बचाने की चिंता है, कोरोना से बचाव के हर … Read more

`सेठजी` ट्रम्प के छक्के

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इस भारत-यात्रा से किसी भी विदेशी राष्ट्रध्यक्ष की यात्रा की तुलना नहीं की जा सकती। कुछ अर्थों में यह अप्रतिम रही है। अब तक आए किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति या किसी अन्य विदेशी नेता ने भारत और उसके प्रधानमंत्री की वैसी तारीफ कभी नहीं की,जैसी … Read more

आखिर सुख निरंतर क्यों नहीं होता ?

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* जीवन में सुख और दुःख का चक्र चलता रहता है। दिन के बाद रात और रात के बाद दिन-यही क्रम सुख और दुःख का भी है। हमने खेतों में अरहट चलते हुए देखा है। नीचे से पानी भर कर आता है और ऊपर आकर खाली हो जाता है। यह क्रम चलता … Read more

सभ्यता और संस्कृति पर आघात महिलाओं के प्रति अपराध

सुरेश चन्द्र ‘सर्वहारा’ कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते,रमन्ते तत्र देवता’ का उदघोष करने वाला हमारा देश आज महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों के कारण लज्जित है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में बलात्कार और छेड़छाड़ की बर्बर घटनाएँ आए-दिन घटित हो रही हैं। घर हो या बाहर,महिलाएँ कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। घर और समाज में … Read more

राजनीतिक शुचिता की महती आवश्यकता

अमल श्रीवास्तव  बिलासपुर(छत्तीसगढ़) ********************************************************************* गुरु गोविंद सिंह जी हमेशा एक हाथ में माला और एक हाथ में भाला की बात करते थे,आज के समय में माला का अर्थ है- धर्म और भाला का अर्थ है-राजनीति। जब तक दोनों में समन्वय नहीं होगा,तब तक सम्पूर्ण क्रांति नहीं हो सकती। जिस तरह चाणक्य और चन्द्रगुप्त,राम और विश्वामित्र,कृष्ण … Read more

‘उर्दू’ सिर्फ मुसलमानों की भाषा नहीं,सबकी

डॉ. अमरनाथ ******************************************************************** इधर उर्दू को मुसलमानों की भाषा के रूप में रेखांकित करने का चलन बढ़ा है। यह गलत अवधारणा है। कोई भी भाषा किसी खास मजहब की नहीं होती। हर भाषा किसी न किसी जाति (कौम) की होती है। उर्दू भी सिर्फ मुसलमानों की भाषा नहीं है। यदि वह सिर्फ मुसलमानों की भाषा … Read more

वाणी का मोल अनमोल

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** किसी ने ठीक ही कहा है-यह सच है कि जीभ में कोई हड्डी नहीं होती,पर यह गलत और अप्रिय बोलने पर आपकी हड्डियां तुड़वा सकती है। शब्दों के भी अपने ज़ायके होते हैं, परोसने से पहले चख लेने चाहिए। चखने में कमी रह जाए,जुबान कड़वी होने के कारण ही भाई-भाई,पति-पत्नी,सास-बहू,देवरानी- … Read more

नीतीश ने दिखाया रास्ता मोदी को

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसा काम कर दिखाया है,जो उन्हें नेताओं का नेता बना देता है। पिछले कुछ दिनों से उनकी छवि गठबंधन-बदलू नेता की बन रही थी,लेकिन उन्होंने बिहार की विधानसभा से `राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर` के खिलाफ प्रस्ताव पारित करवाकर चमत्कार-सा कर दिया है। वह प्रस्ताव सर्वसम्मति … Read more