विपदा में आनंद
डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ********************************************************************** (रचना शिल्प:ध्रुव पंक्ति-आज समय जो भी मिला,ले उसका आनंद)‘कोरोना’ के काल में,सभी घरों में बंद।आज समय जो भी मिला,ले उसका आनंद॥ गृह में ही रखी हुई,जो भी होय किताब।बड़े प्रेम से मनन करि,ज्ञान का लें आनंद॥ बच्चों के संग खेल लें,लूडो,सीढ़ी साँप।शतरंजी के खेल में,रहें सदा आनंद॥ छोटे बच्चे हों अगर,खेलें … Read more