मातृभाषा की महिमा

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष…. आज के दौर में विकास शब्द ऐसा है जिसकी चर्चा सबसे अधिक होती है। इसलिए मैं मातृभाषा और विकास के संबध पर प्रकाश डालना चाहूँगा। विश्व में संभवत: कोई ऐसा वैज्ञानिक,शिक्षाविद, दार्शनिक,चिंतक अथवा भाषाविद् नहीं होगा जिसने मनुष्य के विकास के लिए मातृभाषा के महत्व को स्वीकार … Read more

हिजाब,नकाब और बुर्का लादना उनकी हैसियत को नीचे गिराना

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* कर्नाटक के उच्च न्यायालय में हिजाब के मुद्दे पर अभी बहस जारी है लेकिन अंतरराष्ट्रीय इस्लामी सहयोग संगठन ने भारत के खिलाफ अपना बयान जारी कर दिया है। उसने पहले धारा ३७० हटाने के विरोध में भी बयान जारी किया था। पाकिस्तान के मुल्ला-मौलवी और नेता भी एकतरफा बयान जारी करने में … Read more

‘बजाज’ ने पहचानी थी वक्त की रफ्‍तार

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** जाने-माने उद्योगपति राहुल बजाज के निधन पर उनके व्यक्तित्व की कई खूबियों और सत्ता से उनकी करीबी के अनेक प्रसंग दोहराए जा रहे हैं। अस्सी और नब्बे के दशक में देश के सामाजिक बदलाव और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को पहचान कर उसे उपभोक्तावाद में भुनाने का काम बजाज ने बखूबी किया … Read more

व्यवहारिक हिंदी का प्रयोग १६० देशों में

प्रो.महावीर सरन जैनबुलंद शहर(उत्तरप्रदेश)********************************************************* भाषा…. आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूँ कि भारतीय चिन्तन एवं पाश्चात्य चिंतन में मूलभूत अन्तर है। भारतीय चिन्तन अभेदात्मक, समन्वयात्मक,सहयोगात्मक और पदार्थ,प्राण,मन, विज्ञान से भी परे आत्म चेतना का साक्षात्कार है तथा सांस्कृतिक चेतना की दृष्टि से पूरी वसुधा को अपना कुटुम्ब मानने में विश्वास करता है (वसुधैव … Read more

स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी का मौन होना

ललित गर्गदिल्ली ************************************** लता मंगेशकर देह से विदेह हो गई है। गायन के क्षेत्र में अब वे एक याद बन चुकी हैं। उनका निधन स्वरों की दुनिया में एक गहन सन्नाटा है,वे ईश्वर का साक्षात स्वरूप थी,उनके स्वरों में माँ सरस्वती विराजती थी,उनके स्वरों में भारत की आत्मा बसी थी। उनका निधन एक अपूरणीय क्षति … Read more

ईश्वर कराए भक्तों के बीच झगड़े ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हिजाब को लेकर कर्नाटक में जबर्दस्त खट-पट चल पड़ी है। यदि मुस्लिम लड़कियां हिजाब पहनने को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं तो हिंदू लड़के भगवा दुपट्टा लगाकर नारे जड़ रहे हैं। उन्हें देख-देखकर दलित लड़के नीले गुलूबंद डटाकर नारे लगा रहे हैं। अच्छा है कि वहां समाजवादी नहीं हैं,वरना वे लाल टोपियां … Read more

धार्मिक और स्वास्थ्य के लिए बहुउपयोगी है पलाश

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** ‘पलाश’ के फूल को टेसू का फूल भी कहा जाता है। यह वसंत ऋतु में खिलता है और ३ रंगों का होता है-सफेद,पीला और लाल-नांरगी। आयुर्वेद में पलाश के पेड़ को बहुत ही अहम् स्थान है,क्योंकि बहुगुणी होने के कारण इसको कई तरह की बीमारियों के लिए औषधि के रुप में प्रयोग किया … Read more

त्याग,सत्यता व मिलनसारिता से बनीं ‘स्वर मौली’

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** सुरों की अमर ‘लता’ विशेष-श्रद्धांजलि…. आध्यात्मिक गुरू विद्या नरसिम्हा भारती द्वारा ‘स्वर मौली’ की उपाधि से सम्मानित स्वर साम्राज्ञी भारत रत्न लता मंगेशकर के खास वाकये साझा करना चाहता हूँ-भारतीयता व राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत सदैव हँसमुख, दृढ़प्रतिज्ञ लताजी ने १९४२ से अभी तक अर्थात ७ दशक से अधिक समय तक हिंदी,मराठी,तमिल, … Read more

कोयल अचानक मौन हो गई

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* भारत रत्न कोकिल कंठी गायिका व सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका रही हैं,जिनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा रहा। हालाँकि, लता जी ने लगभग ३० से ज्यादा भाषाओं में फ़िल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाए हैं लेकिन उनकी पहचान भारतीय सिनेमा में … Read more

रहें ना रहें…महका करेंगें…

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* सुरों की अमर ‘लता’ विशेष-श्रद्धांजलि… ‘रहें ना रहें…महका करेंगें…’ इस अमर गीत के बोलों को लता मंगेशकर अमर कर गईं,आपका शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। मानो,माँ शारदे आपका हाथ पकड़ कर ले गई,चलो बिटिया अब मेरे साथ रहना।कहते हैं ब्रह्मांड में आवाजें सदा अमर रहती हैं। सदियों तक ध्वनि … Read more