हिन्दी के ‘भैय्या साहब’ पं. श्रीनारायण चतुर्वेदी
प्रो. अमरनाथकलकत्ता(पश्चिम बंगाल)******************************** “मेरे उत्तराधिकारी कौन हैं ? मेरे वंशज मेरे कानूनी उत्तराधिकारी मात्र हैं। वे मेरी भौतिक संपत्ति के(जो नगण्य है) उत्तराधिकारी हैं,किन्तु मेरे वास्तविक उत्तराधिकारी वे भावी युवक हैं जिनमें हिन्दी-प्रेम ही नहीं,हिन्दी का दर्द भी हो,वे नहीं जो मात्र साहित्य-रचना कर या संपादन या हिन्दी-अध्यापन कर अपना पेट पालते हों और इसी … Read more