कांग्रेस के ‘राजनीतिक कोरोना’ का टीका संभव ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  **************************************************************** कोविड-१९ विषाणु का टीका(वैक्सीन)तो देर-सबेर बन ही जाएगा,लेकिन देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के आंतरिक कोरोना विषाणु का कोई टीका शायद ही बन पाए। और बन भी गया तो कारगर शायद ही हो पाए। यह बात इसलिए उठी कि,कल तक कांग्रेस और राहुल को कोसने वाली शिवसेना ने कांग्रेस में ताजा … Read more

जातिय नहीं,शैक्षणिक आरक्षण दें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************************** सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर जातिय आरक्षण के औचित्य पर प्रश्न-चिन्ह लगा दिया है। ५ जजों की इस पीठ ने अपनी ही अदालत द्वारा २००४ में दिए गए उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है,जिसमें कहा गया था कि आरक्षण के अंदर (किसी खास समूह को) आरक्षण देना अनुचित है … Read more

धोनी को लिखे प्रमं के पत्र पर बवाल और भाषाई राजनीतिक चाल

हिंदी से जुड़े कई मंचों पर एक चर्चा हो रही है कि,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महेंद्र सिंह धोनी को जो पत्र लिखा है वह अंग्रेजी में क्यों लिखा गया है,हिंदी में क्यों नहीं ? यह इसलिए भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है,क्योंकि प्रधानमंत्री सामान्य वार्तालाप हिंदी में करते हैं,उनकी हिंदी भी अच्छी है,जबकि अंग्रेजी सामान्य है। … Read more

बर्बादी की प्रतीक शराब पर अंकुश आवश्यक

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* शराब को मदिरा भी कहते हैं। मनचले शराबी इसे सोमरस भी कहते हैं। यह युगों-युगों से घर-परिवार एवं राजदरबारों की बर्बादी की प्रतीक मानी जाती है,क्योंकि यह शराबी को बहका देती है और बहकने के उपरांत वह जुआ खेलने से भी नहीं चूकता, जिसके कारण सब-कुछ तबाह हो … Read more

शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्र को भाषा की दरकार

प्रो. गिरीश्वर मिश्रदिल्ली************************************************************* कुछ बातें प्रकट होने पर भी हमारे ध्यान में नहीं आतीं,और हम हम उनकी उपेक्षा करते जाते हैं और एक समय आता है जब मन मसोस कर रह जीते हैं कि,काश! पहले सोचा होताl भाषा के साथ ही ऐसा ही कुछ होता हैl भाषा में दैनंदिन संस्कृति का स्पंदन और प्रवाह होता … Read more

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति मिलेगी अयोध्या को राम मंदिर से

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** अयोध्या(उप्र) एक अंतरराष्ट्रीय स्थल बन रहा है,क्योंकि यहाँ राम-जन्मभूमि पर प्रसिद्ध मंदिर बन रहा है। आज महात्मा बुद्ध की ज्ञान-स्थली बोधगया का नाम दूर-दूर के देशों तक फैला हुआ है और कई देशों के मंदिर-पैगोडा वहाँ बने हुए हैंl उनमें दर्शन-पूजा करने के लिए विदेशी यात्री वहाँ आते रहते … Read more

हिंदी:अंग्रेजी भाषा का नहीं-वर्चस्व का विरोध जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************************** आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। द्रमुक की नेता कनिमोझी ने मांग की है कि,सरकार उन्हें तुरंत मुअत्तिल करे,क्योंकि उन्होंने कहा था कि जो उनका भाषण हिंदी में नहीं सुनना चाहे,वह बाहर चला जाए। वे देश के आयुर्वेदिक वैद्यों और प्राकृतिक चिकित्सकों को … Read more

श्री राधारानी जी

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************************************ राधा अष्टमी(२६ अगस्त)विशेष…… श्री राधारानी जी के श्री चरणों में साष्टांग प्रणामl जय जगत प्रसूता आदि महाशक्ति श्री कृष्ण प्रणाधिका श्री राधारानी जी की जय। पुराणों के वर्णन के अनुसार ज्ञात होता है कि,-जब-जब विश्व ब्रह्मांड अत्याचारियों के अत्याचार से भयभीत होकर अशांत व प्रतारित हुआ है,तब-तब जगत संसार की रक्षा … Read more

विकास को पुनर्जीवित करने हेतु पैदा करने होंगे नए अवसर

डॉ.सत्यवान सौरभहिसार (हरियाणा)************************************ कोविद-१९ महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और भारत में भी इसके गहरे प्रभाव पड़े हैं। राष्ट्रव्यापी तालाबन्दी की वजह से घरेलू मांग में कमी ने अर्थव्यवस्था को २०२०-२१ की पहली तिमाही में संकुचित कर दिया है और इसके प्रभाव भविष्य में दिखने की संभावना है। फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र … Read more

ट्रम्प की टोपी में मोर पंख और बिच्छू…

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************************** पिछले दिनों में अमेरिका एक बार उठ गया और एक बार गिर गया। वह उठा तब,जबकि इस्राइल और संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) में समझौता हो गया और वह गिरा तब,जबकि सुरक्षा परिषद में वह ईरान के विरुद्ध बुरी तरह से पछाड़ खा गया। इस्राइल की स्थापना १९४८ में हुई,लेकिन पश्चिम एशिया के … Read more