भारत को इंडिया कहना उसका अपमान

मुद्दा:भारत को भारत कहो,इण्डिया नहीं-कुछ विचार व सुझाव…. इला प्रसाद(अमेरिका) भारत को इंडिया कहना उसका अपमान है। यह अपमान अंग्रेजों ने किया और स्वतंत्रता के बाद हमारे राजनीतिज्ञों ने इस मानसिक दासता को स्वीकार किया,लेकिन आज का भारत इंडिया नहीं है। फिर इस अपमान से भी क्यों न मुक्ति पा ली जाए! कादम्बरी मेहरा(अमेरिका) हमारा … Read more

अश्वेत की हत्या पर भारत की चुप्पी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** अमेरिका के अश्वेत नागरिक जाॅर्ज फ्लाएड की हत्या के विरोध में कितने जबर्दस्त प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिका में ऐसी उथल-पुथल तो उसके गृह-युद्ध के समय ही मची थी,लेकिन इस बार तो कनाडा से लेकर जापान के दर्जनों देशों में रंगभेद के खिलाफ आवाज़ें गूंज रही हैं। ब्रिटेन और यूरोपीय देश,जो मूलतः … Read more

संकट की घड़ी में विपक्षी दल कहां ?

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* कोरोना महामारी के महासंकट की इस घड़ी में भारत के लोकतंत्र के महत्वपूर्ण आधार माने जाने वाले विपक्षी राजनीतिक दलों की भूमिका ने बहुत निराश किया। इस संकट की घड़ी में विपक्षी राजनीतिक दल कहां रहे ? क्या इन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की नजरों में लोकतंत्र का मतलब केवल चुनाव … Read more

चीन:बहिष्कार बड़ी तरकीब से धीरे-धीरे किया जाए

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** इस सवाल का दो-टूक जवाब देना आसान नहीं है कि चीनी माल का हम लोग बहिष्कार करें या न करें। जबसे लद्दाख में भारतीय और चीनी सेनाएं एक दूसरे के आमने-सामने आ खड़ी हुईं हैं,देश के कई संगठन,कई नेता,कई बाबा और कई लाला लोग मांग कर रहे हैं कि भारत सरकार चीन … Read more

तस्वीर और तकदीर में फर्क

रौशनी अरोड़ा ‘रश्मि’  दिल्ली *********************************************************************** तस्वीर बहुत ही खूबसूरत लगती है। वो सिर्फ शांत रहती है,मुस्कुराती है और अपनी शांति से हमें भी खुशी देती है,हमारे मन को सूकून देती है। तस्वीर को देख-देख कर,उसमें खो कर हम अपने हसीन ख़्वाब संजोने लगते हैं और उन्हीं ख़्वाबों में समा जाते हैंl परम आनंद की अनुभूति … Read more

केवल भारत कहा जाए,इंडिया नहीं

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र)*************************************************************** मुद्दा-भारत को भारत कहो,इण्डिया नहीं….. इसके लिए दो ही उपाय हैं-पहला यह कि देश में इसके लिए जागरूकता अभियान के साथ-साथ इसके लिए प्रबल मांग भी हो। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि राजनीतिक दल जनता की मांग के आधार पर ही अपनी नीतियां तय करते हैं। यदि पर्याप्त जनसमर्थन … Read more

‘वापस तो आओगे न दोस्त…?’ एक नायक ऐसा भी…

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** इस ‘कोरोना’ काल में लोगों की पीड़ा और परेशानियों की अनगिनत तस्वीरों के बीच कुछ ऐसी भी तस्वीरें आईं जिन्होंने तपती रेत पर बारिश की नर्म बौछार कर दी…लोगों के चेहरे खिल गए…मुसीबत से लड़ने की नई ताकत मिल गई…।एक अभियंता से अभिनेता बने सोनू सूद को ‘दबंग,अरुंधति और … Read more

पर्यावरण पर तालाबन्दी का सकारात्मक प्रभाव

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) ****************************************************** विश्व पर्यावरण दिवस ५ जून विशेष……. पर्यावरण की चिंता करने वाले और उसे लेकर अपने स्तर पर लगातार प्रयास करने वाले लोगों और संस्थाओं के लिए विश्व पर्यावरण दिवस(५ जून) तालाबन्दी के कारण स्वच्छ हुई प्रकृति को निहारते हुए आंतरिक खुशी प्रदान करने वाला है। स्वच्छ नदी,स्वच्छ हवा और वातावरण में आया … Read more

सनातनी उदारवादी सन्त कबीरदास

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************************************ संत कबीरदास जयंती ५ जून विशेष…… विशुद्ध चेतना या सनातन धर्म की मूल नीति से दूर हट कर मनुष्य भ्रांति-मतवाद के शिकार होने लगे एवं अपने-अपने धरम को पालन करने में भयभीत या अक्षम तो चारों ओर कुसंस्कारों से परिपूर्ण सामाजिक अव्यवस्थाएं छाने लगी। समाज के कुछ प्रभावशाली व स्वार्थपरक सम्प्रदाय … Read more

तालाबन्दी:पाबंदियां हटाना समय की जरूरत

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* आवश्यकता आविष्कार की जननी है,यह कहावत युगों-युगों से प्रचलित है,जो तालाबन्दी की पाबंदियां हटाने पर पूरी तरह सटीक बैठ रही है। तालाबन्दी आवश्यक थी,क्योंकि कोरोना विषाणु के फैलाव को रोकने का एकमात्र उपाय यही था,जिसे लगाकर सरकार ने एक सीमा तक लक्ष्य की पूर्ति भी की है,किन्तु सम्पूर्ण … Read more