कांग्रेस:झटके पर झटका,भविष्य खतरे में

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** मध्यप्रदेश में लगे झटके से अभी कांग्रेस उबर नहीं पाई है,और अब उसे गुजरात में दूसरा झटका बर्दाश्त करना पड़ रहा है। गुजरात के ५ कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें भाजपा या किसी अन्य दल ने होटल में घेरकर नहीं बैठा रखा है। वे खुले-आम … Read more

पारिवारिक व सामाजिक मूल्य बोध का जीवंत दर्शन ‘रामचरित मानस’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** “परिवार ही हमारे सामाजिक जीवन की आधारशिला है,जिसमें हमारे जन्म से लेकर मृत्यु तक सारी गतिविधियाँ संचालित होती हैं। हिन्दू परिवार का जीवन-दर्शन पुरूषार्थ पर आधारित है जो विश्व के अन्य समाजों के परिवारों का जीवन दर्शन नहीं है। अतः,परिवार मनुष्य के सभ्य और सुसंस्कृत होने का स्वाभाविक तारतम्य … Read more

वरना,आगे भी ‘सिंधिया’ अलविदा कहते रहेंगे…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** नवागत भाजपा नेता के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया का भोपाल में जैसा महा भगवा स्वागत हुआ,वैसा कांग्रेस में रहते हुए भी उनका शायद ही हुआ हो। यह भाजपा की संगठन क्षमता और संसाधन विपुलता का ही कमाल है कि,पार्टी मामूली घटना को भी समारोह में तब्दील कर देती है। फिर ये … Read more

पाकिस्तान के ‘जेपी’

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कल लाहौर में डाॅ. मुबशर हसन का निधन हो गया। वे ९८ वर्ष के थे। उनका जन्म पानीपत में हुआ था। वे प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की सरकार में वित्तमंत्री थे,लेकिन उनकी विद्वता,सादगी और कर्मठता ऐसी थी कि सारा पाकिस्तान उनको उप-प्रधानमंत्री की तरह देखता था। भुट्टो की पीपल्स पार्टी … Read more

आशावादी होना सबसे बड़ी ताकत

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* नि:संदेह आशावादी होना जीवन की सबसे बड़ी ताकत है,क्योंकि जब सब ओर से जीवन की नाव डूब रही हो,तब आशा की एक किरण भी जीवन को बचा लेती है। तभी ‘डूबते को तिनके का सहारा’ वाली कहावत चरितार्थ होती है। अध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक मान्यता है कि आशा … Read more

मैं,वो और बैंक:सख्ती-सजा जरुरी

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** मैं,अर्थात आप ही की तरह साधारण जन, ग्राहक,उपभोक्ता तथा बैंक का सामान्य कर्मचारी व मध्यम स्तर तक का अधिकारी, जिसे अपनी ईमानदारी से कर्तव्य पालन करते हुए परिवार का भरण-पोषण करना है। ग्राहक व ये कर्मचारी अपनी पूंजी की सुरक्षा व ऋण ले कर जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की … Read more

यस बैंक:ठोस कदम उठाने ही होंगे

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* निजी क्षेत्र के ‘यस बैंक’ का कंगाली की हालत में पहुंचना एवं इस सन्दर्भ में सरकार द्वारा उठाए गए कदम दोनों ही स्थितियां प्रश्नों के घेरे में हैं। यह कैसा विरोधाभास है कि एक तरफ तो सरकार अपने नियन्त्रण में चलने वाली लाभप्रद कम्पनियों की पूंजी बेच कर रोकड़ा की उगाही … Read more

भारत में ‘कोरोना’ की करुणा

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ‘कोरोना’ वायरस ने दुनिया में जैसा हड़कम्प मचाया है,वैसा मानव इतिहास में पहले कभी नहीं मचा। सवा सौ से ज्यादा देशों में यह फैल गया है। हजारों लोग मर रहे हैं और लाखों पीड़ित हो गए हैं। ऐसा क्यों हो रहा है ? क्योंकि,दुनिया बहुत छोटी हो गई है। पूरी … Read more

बच्चों में बढ़ती संस्कारहीनता,रोकना होगा

सुरेश चन्द्र ‘सर्वहारा’ कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। हमारी इसी पीढ़ी पर देश का भविष्य टिका हुआ है। इस भावी पीढ़ी को संस्कारित करके ही अच्छा नागरिक बनाया जा सकता है,लेकिन आज के परिवेश में हम देखें तो माँ-बाप बच्चों को संस्कारित करने में जागरूक नहीं हैं। वर्तमान में संयुक्त परिवारों के … Read more

‘माफ करो महाराज!..से साथ है शिवराज तक…!’

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** ज्यादा वक्त नहीं हुआ,जब मप्र विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा के सीधे निशाने पर थे। भाजपा के चुनाव अभियान की टैग लाइन ही थी…`माफ करो महाराज, हमारा नेता शिवराज..।` दूसरे शब्दों में यह लड़ाई महाराज और प्रजा की थी। महल और कुटिया की थी। आभिजात्य और … Read more