संवैधानिक देशप्रेम ही श्रेष्ठ

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* राष्ट्र सर्वोपरी है,जिसकी आन,बान व शान के लिऐ देश का प्रत्येक देशवासी हर समय हर प्रकार का त्याग व बलिदान करने पर गौरव अनुभव करता है। यह देश के प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है और अधिकार भी है। सर्वविदित है कि भावना से कर्त्तव्य हमेशा ऊँचा होता … Read more

अन्वेषक महानायक राजा भोज और उनकी ज्ञान साधना

प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा उज्जैन (मध्यप्रदेश) **************************************************************** भारत में ज्ञान साधना की अटूट परम्परा रही है। सदियों से अनेक मनीषियों ने अन्वेषण के सिलसिले को बनाए रखा है। इस परम्परा में ऐसे अनेक शासक भी आए,जो विद्वानों को राज्याश्रय देने के साथ स्वयं भी सारस्वत साधना में लीन रहे। इस श्रृंखला के विलक्षण मनीषियों में सम्राट … Read more

आखिर सत्ता की खातिर…

अजय जैन ‘विकल्प’ इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** और आखिर मध्यप्रदेश में भी गुटबाजी में उलझी कांग्रेस के सामने सत्ता की चाशनी में पूर्व सांसद-मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ऐसी डुबकी मारी कि,कमल नाथ की सरकार बे-नाथ हो गई,तो फिर से शिवराज सिंह यानी कमल को सत्ता मिलने के प्रबल आसार हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने सवा … Read more

गुलाली होली

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** हमें गर्व है कि हम भारतीय हैं। हमारे भारत वर्ष को त्योहारों और पर्वों का देश भी कहा जाता है,क्योंकि यहाँ हर रोज कोई-ना-कोई त्योहार मनाया जाता है। यहाँ हर जाति,धर्म और सम्प्रदाय के लोग एकसाथ मिलकर रहते हैं। इसलिए,कभी हिंदू भाईयों का त्योहार आता है तो कभी मुस्लिम,सिक्ख और … Read more

स्त्री-पुरुष का भेदभाव नहीं होना चाहिए

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आज भी पत्रकारिता तो क्या,सभी क्षेत्रों में क्या हम महिलाओं को समुचित अनुपात में देख पाते हैं ? ‘समुचित’ अनुपात शब्द का प्रयोग किया है,‘उचित’ अनुपात का नहीं। उचित का अर्थ तो यह भी लगाया जा सकता है कि दुनिया में जितने भी काम-धंधे हैं,उन सबमें ५० प्रतिशत संख्या महिलाओं … Read more

लोकतंत्र की मजबूती और कमजोर विपक्ष

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** लोकतंत्र की सफलता,महत्व और उपयोगिता इसी में है कि वहाँ का हर नागरिक स्वयं को व्यवस्था का अटूट हिस्सा अनुभव करे। भारत जैसे विविधताओं से भरे राष्ट्र में यह बात और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।प्रचंड बहुमत यदि आपको शासन अच्छी तरह चलाने का अवसर देता है, अपनी हर … Read more

महिला सशक्तिकरण: प्रतिकार की क्षमता और निर्णय लेने का साहस हो

सुरेश चन्द्र ‘सर्वहारा’ कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’-८ मार्च  विशेष …….. आज महिलाओं ने सशक्त होकर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। वह जमीन से लेकर आसमान तक अपने कार्यों और उपलब्धियों के लिए जानी जा रही है। महिलाओं ने अपनी योग्यता से साबित कर दिया है कि,यदि अवसर उपलब्ध हों तो … Read more

नारी शक्ति है,फिर शोषण ?

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* `अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस`-८ मार्च विशेष………… बात भारतीय या अभारतीय नारी की नहीं,बल्कि उसके प्रति दृष्टिकोण की है। आवश्यकता इस दृष्टिकोण को बदलने की है, जरूरत सम्पूर्ण विश्व में नारी के प्रति उपेक्षा एवं प्रताड़ना को समाप्त करने की है,इसी उद्देश्य से नारी के प्रति सम्मान एवं प्रशंसा प्रकट करते हुए ८ … Read more

‘क्रोधी’ के व्यवहार को ‘मूर्खता’ कहना अनुचित

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* क्रोधी व्यक्ति का व्यवहार मूर्खतापूर्ण होता है,उक्त मानसिक अवधारणा आवश्यक नहीं है। चूंकि,क्रोध विरोधाभास का एक लक्षण मात्र है,जिसे मूर्खता का शब्द देकर सभ्य समाज उक्त क्रोधी जीव के प्रति सकारात्मकता के स्थान पर नकारात्मक हो जाता है। क्रोधी को यदि मूर्खता अर्थात पागलपन का शब्द दे … Read more

‘सोशल मीडिया संन्यास’ या ‘अप्रैल फूल’ का मजा..?

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** क्या ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश के साथ मजाक था,या वे अपने सोशल मीडिया अनुकरणकर्ताओं(फालोअरों)के धैर्य की परीक्षा ले रहे थे, साफ तौर पर कुछ भी कहना मुश्किल है। जैसे ही ट्विटर पर मोदी का ट्वीट आया कि, वे इस रविवार को(नामुराद) सोशल मीडिया को छोड़ने का मन बना रहे … Read more