जनप्रतिनिधि इतनी जल्दी अमीर कैसे ?

ललित गर्ग दिल्ली ************************************************************** वर्ष २०१९ के आम चुनाव में वैसे देखा जाये तो न सत्तापक्ष और न विपक्ष के पास कोई बुनियादी मुद्दा है। यह चुनाव मुद्दााविहीन चुनाव है,जो लोकतंत्र के लिये एक चिन्ताजनक स्थिति है। बावजूद इसके एक अहम मुद्दा होना चाहिए कि हमारे जनप्रतिनिधि इतने जल्दी अमीर कैसे हो जाते हैं ? … Read more

ज्वलन्त समस्या-केबल पर अनचाहे विज्ञापन और धनवृद्धि

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ देश में केबल और विज्ञापन वार चल रहा है। केबल कनेक्शन के साथ विभिन्न पैकेज लेना पड़ रहे हैं और धन भी ज्यादा देना पड़ रहा है। कोई भी चैनल देखो तो बीच-बीच में अनेक विज्ञापन भी देखना पड़ते हैं। आधा घण्टे के धारावाहिक में १० मिनिट के अनचाहे … Read more

काश! मैं होता सांसद

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** काश! मैं होता सांसद,यह प्रश्न बार-बार मेरे जेहन में कौंध रहा है कि मुझे अब सांसद बनने जनता की अदालत में जाना चाहिए। इसलिए कि मेरे सांसद ने मुझे,क्षेत्र और मुल्क को धोखा देकर विकास व समृद्धि को रोका है। यहां तक कि झोली में आई सांसद निधी मुँह दिखाई के … Read more

कुछ रँग जांबाजों के संग

हेमा श्रीवास्तव ‘हेमाश्री’ प्रयाग(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* कई रंगों से सराबोर होकर हमने होली बड़े उत्साह और उमंग के साथ अपने अपनों के साथ मिलकर मनाई। इस उमंग और उल्लास, हर्ष के पर्व में हमारी भारतीय सेना सीमा पर तैनात खड़ी हुई है,हमारे रंग में कोई भंग ना पड़े इसके लिए बरकरार सरहद पर वो लड़ते रहते … Read more

कहाँ खो गए वो ढोल-मंजीरे..वो गीत..

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** हमारे देश के व्रत-त्योहार हमारी गौरवशाली परम्परा और संस्कृति का दर्पण हैं। देश की अनेकता में एकता की जो झाँकी दिखाई देती है उसमें हमारी समृद्ध परम्पराओं और पर्वों का विशेष योगदान है। पहले तो गांवों में वसंत पंचमी से ही फागुनी गीतों की बयार बहने लगती थी। महीनेभर … Read more

राजनीति और चुनाव…

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** कद्दावर नेता के निधन की सूचना ऐसे समय आई,जब समूचा देश चुनावी तपिश में तप रहा था। काल कवलित नेता के जीवन-परिचय और चीजों को अलग नजरिए से देखने की सीख दी गई है। शिक्षा-दीक्षा ऐसी थी कि राजनीति से दूर रहते हुए ऐशो-आराम की जिंदगी जी सकते … Read more

आखिर,आ ही गया लोकपाल

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आखिर लोकपाल की नियुक्ति हो ही गई। इस आंदोलन की शुरुआत अब से लगभग पचास साल पहले सांसद डाॅ.लक्ष्मीमल्ल सिंघवी और डाॅ.सुभाष काश्यप ने की थी और फिर यही आंदोलन दस साल पहले अरविंद केजरीवाल और अन्ना हजारे ने चलाया था। जरा गौर करें कि इस आंदोलन को चलानेवाले लोग … Read more

हर राज्य में अलग-अलग नाम से होली

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ रंग और उल्लास के लिए विश्वभर में विख्यात पर्व होली वैसे तो पूरे भारत में और पड़ोसी देश नेपाल में हिन्दू पंचांग के अनुसार मनाया जाता है। पूरा देश इसकेरंग में अपने को डुबो लेता है,पर देश के अनेक राज्यों में यह अलग-अलग नामों से भी मनाया जाता है,जिसको जानकर … Read more

होली आनंदोल्लास का पर्व

ललित गर्ग दिल्ली ************************************************************** होली प्रेम,आपसी सदभाव और मस्ती के रंगों में सराबोर हो जाने का अनूठा त्यौहार है। यद्यपि आज के समय की गहमागहमी,मेरेे-तेरे की भावना,भागदौड़ से होली की परम्परा में बदलाव आया है। परिस्थितियों के थपेड़ों ने होली की खुशी को प्रभावित भी किया है,फिर भी जिन्दगी जब मस्ती एवं खुशी को स्वयं … Read more

एक राष्ट्र पुरुष का यूँ अचानक चले जाना…

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** एक बार एक कार से स्कूटर की टक्कर हो गई। जो नौजवान कार चला था बाहर निकलकर स्कूटर वाले को गुस्से में बोला…-‘मैं गोवा के पुलिस कमिश्नर का बेटा हूँ…l’ स्कूटर वाले ने मुस्कुराते हुए कहा…-‘मैं गोवा का मुख्यमंत्री हूँ…l’ ऐसे ही थे मनोहर पर्रिकर। हर कोई उनकी सादगी … Read more