राम राज जन-जन का कर्तव्य

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* राम-राज… ‘सत्य रूप अमर हर कण में बसे प्रभु राम,आओ हम सब राम से,सीखें, कैसे होये काम।’राम-राज की कल्पना ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, देवी सीता, लक्ष्मण जी, हनुमान जी की अनुपम छवि को हृदय में जागृत करती है, जो सदियों से हमारी पावन भूमि पर एक आदर्श के रूप … Read more

घरेलू हिंसा के शिकार होते पुरुष ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस (१९ नवम्बर)’ विशेष… ‘अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस’ माता-पिता के अलगाव, पत्नी की उपेक्षा, दुर्व्यवहार, बेघर होना, रोजगार, आत्महत्या और हिंसा सहित पुरुषों द्वारा सामना किए जाने वाले कई मुद्दों के लिए एक वैश्विक जागरूकता दिवस है, जो हर साल १९ नवम्बर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लड़कों और पुरुषों के … Read more

‘अहिंसा’ का स्वर्णयुग भारत में…कल्पना

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन…. भारत में आज हिंदी की वकालत अंग्रेजी में की जाती है और वे अपनी संतानें अंग्रेजी भाषा में पारंगत कराते हैं। इसी प्रकार अहिंसा का गुणगान हिंसक स्वभाव के मानव करते हैं। आज भारत हिंसा प्रधान देश है, भले हम और हमारे वर्तमान प्रधानसेवक अहिंसा, शांति, सह-अस्तित्व आदि के विशेषणों की बात … Read more

सहिष्णुुता से ही मानवता का अभ्युदय संभव

ललित गर्गदिल्ली************************************** अन्तर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस (१६ नवम्बर) विशेष… विश्व में सहिष्णुता को बढ़ावा देने और जन-जन में शांति, सहनशीलता एवं संवेदना के लिए जागरूकता फैलाने हेतु हर वर्ष १६ नवंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य संसार में हिंसा की भावना व नकारात्मकता को खत्म कर अहिंसा को बढ़ावा … Read more

राम राज्य:कुर्सी की नहीं, जनता की भलाई के लिए सोचना होगा

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** राम-राज… २ अक्टूबर को महात्मा गाँधी के सम्मान में हर जगह राम धुन की शोर का नाद महात्मा गाँधी के कानों में भी स्वर्ग मे पड़ी, और वह आल्हादित होकर पृथ्वी पर आ गए अपनी संकल्पना राम राज्य को देखने के लिए, पर यहाँ आकर उन्होंने जो देखा, उससे उनकी बुद्धि ही … Read more

लगाएँ प्यार और इंसानियत के दीयों की कतार

ललित गर्गदिल्ली************************************** दीपावली एक लौकिक पर्व है। यह आत्म-ज्योति जगाने एवं भीतर की दुनिया को उज्ज्वल बनाने का पर्व है, इसलिए दीपों की कतारें लगाकर केवल बाहरी अंधकार को ही नहीं, बल्कि भीतरी अंधकार को मिटाने के जतन करने होंगे। हम भीतर में धर्म का दीप जलाकर मोह और मूर्च्छा के अंधकार को दूर कर … Read more

आलोक-वंदना का महापर्व ‘दीपावली’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘दीपों की हो वंदना, पूजित हो आलोक।यही कामना सुख पले, परे हटे दु:ख, शोक॥’दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दीपावली या दीवाली नाम दिया गया। दीपावली का मतलब होता है, दीपों की अवली यानि पंक्ति। इस प्रकार दीपों की पंक्तियों से सुसज्ज‍ित इस त्योहार को दीपावली कहा जाता है। … Read more

एकता का पर्व दीपावली

कमलेश वर्मा ‘कोमल’अलवर (राजस्थान)************************************* दीपावली का पर्व आते ही ऐसा प्रतीत होता है कि, राम का आगमन हो गया है। अर्थात राम का नाम लेते ही मन में शांति-सा आभास हो जाता है। मन में शीतलता उत्पन्न हो जाती है। राम नाम स्मरण से सब काम स्वत: ही सिद्ध हो जाते हैं। दीपावली पर्व ऐसा … Read more

शुभ दीपोत्सव पर्व

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** सदा त्योहार में होता,हृदय में हर्ष मंगलमय।समूचे विश्व में जो उच्चतम,उत्कर्ष मंगलमय॥सजी गलियाँ, खिली कलियाँ,जले दीपक बताते हैं,दिवाली पर्व है उजियार का,उल्लास मंगलमय॥सभी को धन तेरस, रूप चौदस (छोटी दिवाली, नरक चतुर्दशी), लक्ष्मी-गणेश पूजा (दीपावली), गोवर्धन पूजा (अन्न कूट महोत्सव), चित्रगुप्त पूजा (भाई दूज, यम द्वितीया) की अशेष शुभकामनाएं एवं बधाई।दीपावली का … Read more

हर दिन हो राम राज

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** राम-राज… आस्था और विश्वास मन में रखकर त्यौहारों का स्वागत करना चाहिए। श्रीराम के आगमन की खुशी में हर घर में मिठाई, पूजन के साथ पटाखे जलाकर स्वागत के तौर पर आँगन में रोशनी के दीप जलाए जाते हैं। आगमन पर्व के दीपक के प्रकाश में आत्ममंथन, आत्मलोचन, आत्मोउन्न्ति को प्राप्त करने … Read more