गृह-लक्ष्मी
डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** मौसम का मिजाज बदल रहा था। एक तरफ चिलचिलाती गर्मी, तो दूसरी तरफ बारिश ने अपना कब्जा जमा रखा था। रोज कमाने, रोज खाने वालों के लिए पेट पर बन आई थी। दो वक्त भोजन की जगह एक वक्त ही नशीब हो पा रहा था। ५० दिन की छुट्टियाँ खत्म हो रही … Read more