गर्मी आई, चली लू की रेल
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ठंडा-ठंडा, कूल-कूल,सब बातों को जाओ भूल। गर्मी आई, प्यास बढ़ाई,पियो शर्बत, कुल्फी आई। तरबूजा-खरबूजा, खीरा-ककड़ी,धनिया, पुदीना लाते ठंडाई। नींबू पानी, दही और लस्सी,कोकाकोला, माजा, पेप्सी। सबमें आए है बड़ा मजा,जब मिलकर पीते रूह-आफजा। कोई पीता शर्बत बेल और गन्ना,कोई पीता आम का पन्ना। नीता, रीता, सीता, शीला,पिकनिक जाते कश्मीर ठंडीला। बर्फ की … Read more