मीठी बोली

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** बोली अपनी तोल कर, हरदम मीठी बोल।औरों को प्यारा लगे, सबसे हो अनमोल॥सबसे हो अनमोल, यही जीवन की गाथा।कटुक वचन मत बोल, धरोगे फिर तुम माथा॥कहे ‘विनायक राज’, आज मिलके हमजोली।मन शीतल हो जाय, बोलना मीठी बोली॥

छोटी-छोटी बात

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************ छोटी-छोटी बात पर, कभी न लड़ना आज।रहो सदा ही प्रेम से, बनते हैं सब काज॥बनते हैं सब काज, सहारा सबका बनना।भाई-भाई प्रेम, सदा जीवन भर करना॥कहे ‘विनायक राज’, इसे समझो मत खोटी।सबका आज महत्व, बड़ी चाहे हो छोटी॥

यादें

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************* यादें तड़पाती मुझे, चैन नहीं दिन रात।हर पल आती याद है, उससे की जो बात॥उससे की जो बात, हमें जब याद सताती।मिलने को मजबूर, वही यादें घिर आती॥कहे ‘विनायक राज’, किये उसने जो वादे।उन्हीं दिनों की बात, बसी है मन में यादें॥

मत खोना सम्मान

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)*************************************** मत खोना सम्मान को,ये तो है अनमोल।इसे बचाना साथियों,मीठा-मीठा बोल॥ मीठा-मीठा बोल,मिलेगा स्नेह सभी से।हो जा तू तैयार,सँजोने मान अभी से॥ कहे ‘विनायक राज’,निराश कभी मत होना।अपना ये सम्मान,कभी भी तुम मत खोना॥

सुख

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)*********************************************** सुख पाना है जिंदगी,करते हैं सब चाह।इसकी सबको लालसा,करे नहीं परवाह॥करे नहीं परवाह, मेहनत सब हैं करते।मिलते कष्ट अपार,आदमी फिर भी सहते॥कहे ‘विनायक राज’,यूँ हि तुम भूल न जाना।रखना दृढ़ संकल्प,उम्रभर फिर सुख पाना॥

ऐसी बोली बोलिए

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)********************************************* ऐसी बोली बोलिए,लेकर शुद्ध विचार।मानवता मन में बसे,पूजे सब संसार॥पूजे सब संसार, नाम अपना सब जाने।सादा उच्च विचार,बोलना धर्म निभाने॥कहे ‘विनायक राज’,मीठ कोयल की जैसी।वाणी मधुरस घोल,लगे ज्यों बोली ऐसी॥

टूटे कभी न डोर

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************** टूटे कभी न डोर ये, बनते ये संजोग।रिश्ते बन्धन प्रेम का, बँधे सभी हैं लोग॥बँधे सभी हैं लोग, जहां में देखो प्यारे।कहलाते परिवार, सभी मिल रहते सारे॥कहे ‘विनायक राज’, यहाँ कोई मत छूटे।प्रेम-भाव निःस्वार्थ, कभी मत डोरी टूटे॥

सत्य-अहिंसा का दिया संदेश

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* सत्य अहिंसा का दिया, इस जग को संदेश।मार्ग दिखाया धर्म का, सभी मिटाए क्लेश॥सभी मिटाए क्लेश, धर्म का मान बढ़ाया।त्याग दिया सुख-चैन, शांति का पाठ पढ़ाया॥कहलाय महावीर, त्यागकर मन से हिंसा।स्वयं किया अनुभूत, वीर ने सत्य अहिंसा॥ जन्मदिवस शुभकामना, महावीर भगवान।नमन करें उन वीर को, सीखें उनसे ज्ञान॥सीखें उनसे ज्ञान, मार्ग … Read more

सजना है तेरे लिए

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** सजना है तेरे लिए,देख मिलन की रात।रात चाँदनी आसमां,करने मीठी बात॥करने मीठी बात,सुहानी रुत है आई।आओ सजना पास, निशा ने ली अँगड़ाई॥कहे ‘विनायक राज’,प्रीत की धुन बन बजना।आस जगी है आज,मिलन की मेरे सजना॥

आओ साजन पास में

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** आओ साजन पास में,मन मेरा हर्षाय।किरण जगी उम्मीद की,प्रीत हिलोरे खाय॥प्रीत हिलोरे खाय,मगन मेरा मन डोले।पिया मिलन की चाह,मधुर कोयलिया बोले॥कहे ‘विनायक राज’,गीत प्यारा कुछ गाओ।साजन कर मत देर,आज जल्दी घर आओ॥