कुण्डलिया
टूटे कभी न डोर
बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************** टूटे कभी न डोर ये, बनते ये संजोग।रिश्ते बन्धन प्रेम का, बँधे सभी हैं लोग॥बँधे सभी हैं लोग, जहां में देखो प्यारे।कहलाते परिवार, सभी मिल रहते सारे॥कहे ‘विनायक राज’, यहाँ कोई मत छूटे।प्रेम-भाव निःस्वार्थ, कभी मत डोरी टूटे॥
सत्य-अहिंसा का दिया संदेश
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* सत्य अहिंसा का दिया, इस जग को संदेश।मार्ग दिखाया धर्म का, सभी मिटाए क्लेश॥सभी मिटाए क्लेश, धर्म का मान बढ़ाया।त्याग दिया सुख-चैन, शांति का पाठ पढ़ाया॥कहलाय महावीर, त्यागकर मन से हिंसा।स्वयं किया अनुभूत, वीर ने सत्य अहिंसा॥ जन्मदिवस शुभकामना, महावीर भगवान।नमन करें उन वीर को, सीखें उनसे ज्ञान॥सीखें उनसे ज्ञान, मार्ग … Read more