कुण्डलिया
मौन
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ****************************************** मौन शक्ति का स्रोत है,चिंतन का आधार।जीवन को मिलती दिशा,जुड़े हृदय के तार॥जुड़े हृदय के तार,कष्ट सारे मिट जाते।धारण करके मौन,ईश भक्ति को पाते॥हल होता ये प्रश्न,जीवन संचालक कौन ?अंतर्मन हो शुद्ध,जो करे साधना मौन॥ धारे जो भी मौन को,पाता है सुख-चैन।मिटे दोष मन के सभी,करे भक्ति दिन-रैन॥करे भक्ति दिन रैन,सदा … Read more
फागुन गाता गीत
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* रंग और हम(होली स्पर्धा विशेष )… होली सुखकर लग रही,फागुन गाता गीत।तब ही खुश रहना सधे,रहे निकट जब मीत॥रहे निकट जब मीत,तभी होली है होली।वरना सारी रात,सजनिया बेहद रो ली॥बहक रहे जज़्बात,मिलन ने दागी गोली।लगे सदा बेनूर,बलम बिन अब तो होली॥ होली तो रंगीन है,मत होना ग़मगीन।कर धारण उल्लास को,मत … Read more
रंग भरी ये होली
आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* रंग और हम(होली स्पर्धा विशेष )… होली आयी घूमकर,कहती सुंदर बात।प्रेम भाव अपनत्व का,अनुपम दें सौगात॥अनुपम दें सौगात,रंग हर समता लाए।मृदुवाणी के शब्द,सुने हर जन मुस्काए॥प्रेम रंग विस्तार,बिछे जैसे रंगोली।मिलकर खेलें खूब,कहे है प्यारी होली॥ होली के सब रंग जो,देते हैं शुभ सार।है प्रतीक हिय भाव का,श्रेष्ठ बनें व्यवहार॥श्रेष्ठ बने व्यवहार,द्वेष … Read more